Ram Mandir Trust:मनमीत/अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के कुशल प्रबंधन और सुचारू प्रशासनिक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है. मंदिर ट्रस्ट द्वारा इस अति-महत्वपूर्ण पद के लिए योग्य और अनुभवी व्यक्तित्व की तलाश की जा रही है. 11 अगस्त से शुरू होकर 14 अगस्त तक चलने वाली इस चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक और सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े कई दिग्गज अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिससे इस पद की होड़ बेहद दिलचस्प हो गई है.
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के विशाल प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों को उच्च स्तर पर संचालित करने के उद्देश्य से नए सीईओ की नियुक्ति की जा रही है. इसके लिए गठित उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय चयन समिति 11 से 14 अगस्त के बीच सभी दावेदारों का साक्षात्कार ले रही है. उत्तर प्रदेश में कार्यरत रहे पूर्व आईएएस अधिकारियों की मजबूत दावेदारी के चलते उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासनिक अनुभव से लबरेज़ चेहरा ही मंदिर की व्यवस्थाओं की कमान संभालेगा.
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के सीईओ पद के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया तेजी से चल रही है. साक्षात्कार के पहले चरण में तीन उम्मीदवारों का लगभग 3 घंटे तक गहन इंटरव्यू लिया गया. सूत्रों के अनुसार, इस प्रतिष्ठित पद के लिए उत्तर प्रदेश के दो पूर्व आईएएस अधिकारियों ने भी आवेदन किया है, जो पूर्व में अयोध्या में तैनात रह चुके हैं. उनका साक्षात्कार भी इस प्रक्रिया के दौरान होना है.
सीईओ का चयन करने के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई गई है. इस इंटरव्यू पैनल में सेवानिवृत्त जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और डॉ. सुरेश हवारे शामिल हैं. यह चयन प्रक्रिया 11 से 14 अगस्त तक चलेगी, जिसके बाद मंदिर के प्रशासनिक कामकाज को संभालने के लिए योग्य सीईओ के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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