Azamgarh Mahotsav 2025: शुभम सिंह/ आजमगढ़: उत्तर प्रदेश की कला, साहित्य और संघर्ष की धरती आजमगढ़ में एक बार फिर उत्सव का माहौल है. बुधवार को राजकीय पॉलिटेक्निक के मैदान में ‘आजमगढ़ महोत्सव 2025’ का विधिवत शुभारंभ हुआ. यह महोत्सव 24 से 28 दिसंबर तक चलेगा. कार्यक्रम की शुरुआत मंडलायुक्त विवेक, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) सुनील कुमार सिंह और जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर की.
इस पांच दिवसीय आयोजन में न केवल मनोरंजन का तड़का है, बल्कि स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और सरकारी योजनाओं की जानकारी का एक साझा मंच भी तैयार किया गया है.
शुभारंभ के मौके पर मंडलायुक्त विवेक भावुक नजर आए. उन्होंने आजमगढ़ की मिट्टी की महिमा बताते हुए कहा कि यह धरती ऋषि-मुनियों और महान क्रांतिकारियों की रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आजमगढ़ महोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम है.
मंडलायुक्त ने कहा, “हमारी मिट्टी में मेहनत की महक है और हमारे लोकगीतों में जीवन का सार. यह महोत्सव नई पीढ़ी को यह याद दिलाने के लिए है कि आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी जड़ों और परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए. हम आजमगढ़ को शांति, सौहार्द और विकास का एक ऐसा मॉडल बनाना चाहते हैं, जिसे दुनिया देखे.”
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे इस महोत्सव में केवल घूमने न आएं, बल्कि यहां लगे विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल्स पर भी जाएं. यहां आम जनता के फायदे के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी जा रही है. इसके अलावा, गाड़ियों की प्रदर्शनी (Vehicle Exhibition), लजीज व्यंजनों के स्टॉल्स और बच्चों के लिए रंग-बिरंगे झूले मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं.
खास बात यह है कि इस बार स्थानीय कलाकारों को तवज्जो दी गई है. जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के कलाकारों को एक बड़ा मंच मिले, इसके लिए उन्हें विशेष अवसर दिए गए हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा आयोजन सरकारी सहयोग से हो रहा है और जिला प्रशासन ने इसे बिना किसी अड़चन के संपन्न कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.
महोत्सव की सुरक्षा को लेकर प्रशासन काफी मुस्तैद है. एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है. सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात हैं ताकि अराजक तत्वों पर लगाम कसी जा सके.
महोत्सव के पहले ही दिन स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने लोक गायन और लोक नृत्य से समां बांध दिया. वहीं, शाम ढलते ही ‘गजल संध्या’ का आयोजन हुआ, जिसमें अंजुमन रहबर और गुस्ताख अहमद बक्श जैसे कलाकारों ने अपनी गजलों से लोगों का दिल जीत लिया. उनकी गायकी ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और देर रात तक श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे.
05 दिन तक चलने वाले इस उत्सव में हर रोज अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. वहीं, स्थानीय हुनर को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष स्पॉन्सरशिप दी गई है.
बता दें कि एक तरफ जहां आधुनिक तकनीक और सरकारी स्टॉल हैं, वहीं दूसरी तरफ आजमगढ़ की पारंपरिक लोक कला का प्रदर्शन भी हो रहा है.
ये भी पढ़ें: बाढ़ में ‘गुंडाराज’! ‘पैसा मांगता है?’… और कट्टा निकाल दुकानदार ठोक दिया; 300 की उधारी पड़ी भारी
-भारत एक्सप्रेस
Donald Trump Allegation: पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बीट्रिस केउल ने डोनाल्ड ट्रंप पर 1993 में दुष्कर्म…
SP Congress Alliance: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे…
सुप्रीम कोर्ट 30 अक्टूबर को मोकामा विधायक अनंत सिंह की जमानत रद्द करने की मांग…
रिलायंस जियो की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग से देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग…
Gen-Z patriotism: Gen-Z के बीच देशसेवा का नजरिया बदल रहा है. जानिए कैसे AI, साइबर…
जन सुराज पार्टी के डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव झारखंड में रेलवे ट्रैक के…