उत्तर प्रदेश में आबादी के बिगड़ रहे संतुलन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. इससे हालात न बिगड़ने पाए इसके लिए भाजपा विधायक ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपा है. इस प्रस्ताव का नाम ‘एरिया-वाइज डेमोग्राफिक पॉलिसी (ADP)’ है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में जनसंख्या को संतुलित रखना और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है.
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने 1951 से 2011 तक के जनगणना आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य में हिंदू और मुस्लिम आबादी के प्रतिशत में आए अंतर पर ध्यान केंद्रित किया है. इस प्रस्तावित नीति के तहत, जिलों को उनकी प्रजनन दर और शिक्षा के आधार पर ग्रीन, अंबर और रेड तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा. इसमें उच्च प्रजनन दर वाले क्षेत्रों में सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की सीमा तय करने और नियमों का पालन न करने वालों को सरकारी लाभों से वंचित करने की सिफारिश की गई है. डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि-
योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सुशासन, महिला सुरक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में नया इतिहास रचा है. अब समय है कि हम ‘उत्तर प्रदेश मॉडल’ को जनांकिकीय संतुलन के क्षेत्र में भी स्थापित करें.
1951 की जनगणना में हिंदू जनसंख्या 84.4% और मुस्लिम 14.0% थी. 2011 में यह अनुपात 79.7% और 19.3% हो गया. कई जिलों में स्थिति और अधिक असंतुलित है. रामपुर (50.6%), संभल (56%), मुरादाबाद (47%), मऊ–आजमगढ़ में मुस्लिम जनसंख्या 50% के आसपास पहुंच चुकी है. राज्य में जन्मदर 2.4–2.7 है जो राष्ट्रीय औसत 2.0 से अधिक है.
विधायक राजेश्वर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई क्षेत्रवार जनसांख्यिकीय नीति (ADP) का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की सामाजिक चर्चाओं को गर्माने वाला है. एक तरफ इस नीति का लक्ष्य बालिकाओं की शिक्षा को 12वीं तक 100% करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना है. वहीं दूसरी तरफ दो संतान के मानक को सरकारी सेवाओं से जोड़ने और उच्च प्रजनन दर वाले जिलों को ‘रेड ज़ोन’ में डालना है. जिससे लोगों में जनसंख्या को लेकर जागरुरकता आ सके.
राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह नीति किसी खास समुदाय के विरुद्ध नहीं है, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ की नींव के लिए संतुलित और स्थिर जनसंख्या सुनिश्चित करने के लिए है. अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील और दूरगामी नीतिगत प्रस्ताव पर क्या फैसला लेते हैं. डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि-
संतुलित जनसंख्या संरचना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार, महिला शिक्षा में वृद्धि, अवैध प्रवासन में कमी, और सामाजिक समरसता की दिशा में बड़ा कदम होगा. यह नीति किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के संतुलित, शिक्षित और सशक्त भविष्य के लिए है.
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राजेश्वर सिंह प्रोत्साहन व निरोधक उपाय के उपाय भी सुझाए हैं. इसके अनुसार, बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को 5% अतिरिक्त विकास अनुदान दिया जाए. दो या कम संतान वाले परिवारों को कर/आवास प्राथमिकता दी जाए. साथ ही उच्च-TFR वाले क्षेत्रों में दो-संतान मानक को सरकारी सेवाओं से जोड़ा जाए.
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