Gonda Fake Astrologer Case: गोंडा/विकास सिंह: क्या आपके घर पूजा कराने वाला व्यक्ति वाकई कोई ‘विद्वान’ है या फिर भेष बदलकर आपके घर में घुसपैठ करने वाला कोई शातिर ठग? गोंडा पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने ‘शिव शक्ति ज्योतिष’ के नाम पर न सिर्फ लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी, बल्कि उनकी आस्था के साथ भी भद्दा मजाक किया है. चेहरे पर फर्जी नाम का नकाब ओढ़े इन ठगों ने अखबारों में पर्चे बांटकर खुद को महान ज्योतिषी बताया, लेकिन असलियत में इनकी नजर लोगों के घरों में रखे सोने-चांदी पर थी.
यह पूरा हैरान करने वाला मामला गोंडा शहर के ददुवा बाजार का है. पीड़ित संजय कुमार रस्तोगी के परिवार में परेशानियां चल रही थीं और संतान की चाहत में उन्होंने एक विज्ञापन देखकर इन ‘ज्योतिषियों’ से संपर्क किया.
संजय ने जिसे ‘पंडित रामस्वरूप शर्मा’ समझकर घर बुलाया था, वह असल में पहचान बदलकर आए नमशेर, हसरत अली, इमरान, इन्साद और तोहिद थे. इन शातिरों ने पूरे 42 दिनों तक घर में ‘विशेष अनुष्ठान’ के नाम पर ढोंग किया. पूजा के नाम पर इन्होंने घर और दुकान के सारे जेवरात (करीब 750 ग्राम सोना और चांदी) एक कलश (मटके) में रखवा दिए और उसे बंद कर दिया. असली खेल तब शुरू हुआ जब कुछ देर बाद परिवार के सामने मटके का ढक्कन हटाया गया. मटके से अचानक एक ‘काला नाग’ निकला!
मटके से सांप निकलते ही पूरा परिवार खौफ से कांप उठा. इसी डर का फायदा उठाते हुए इन बहरूपियों ने परिवार से कहा, “देवता नाराज हैं, आप लोग तुरंत कमरे में छिप जाओ.” डरा हुआ परिवार जैसे ही कमरे में गया, ये शातिर लुटेरे मटके में रखा सारा सोना-चांदी समेटकर रफूचक्कर हो गए. ठगों ने पूजा-पाठ का काम इतनी बारीकी से किया था कि परिवार को भनक तक नहीं लगी कि उनके साथ एक बहुत बड़ी साजिश रची जा रही है.
गोंडा पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोरी और लूट की इस वारदात को अंजाम देने के लिए इन्होंने अपनी असली पहचान छिपाई थी और फर्जी नामों का सहारा लिया था. पुलिस ने इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से 5 कूटरचित (Fake) निर्वाचन पहचान पत्र (Voter IDs) बरामद हुए हैं, जो साबित करते हैं कि यह एक संगठित गिरोह है. यह नेटवर्क सिर्फ गोंडा ही नहीं, बल्कि बहराइच के दरगाह शरीफ तक फैला हुआ था.
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पुलिस ने इनके पास से 2 लाख रुपये कैश, भारी मात्रा में जेवरात, कूटरचित नंबर प्लेट वाली एक i-10 कार और 25 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेजों का मिलना इस बात की गवाही देता है कि इन्होंने न जाने कितने और परिवारों को अपनी ठगी का शिकार बनाया होगा. फिलहाल, गोंडा पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
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