फोटो-सोशल मीडिया
Hathras Case: हाथरस में सत्संग के बाद मचे भगदड़ में 121 लोगों की मौत ने सबको हिला कर रख दिया है. इस घटना की हर जगह निन्दा की जा रही है. तो वहीं योगी सरकार ने भी एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर SDM, सीओ, तहसीलदार समेत 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.
फिलहाल घटना के बाद सुर्खियों में आए भोले बाबा उर्फ सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि का नाम एसआईटी रिपोर्ट में नहीं है तो वहीं इस मामले में दर्ज एफआईआर में भी उसका नाम शामिल नहीं किया गया है लेकिन साधु संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने उसकी मुश्किल को बढ़ा दिया है.
अखाड़ा परिषद ने इस घटना के बाद से फरार बाबा के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है और कहा है कि उसे जल्द ही फर्जी संत घोषित किया जाएगा. इसी के साथ ही लोगों से सूरजपाल जैसे फर्जी संतों से आगाह रहने की अपील की जाएगी. बता दें कि घटना के बाद से ही बाबा फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई है. हालांकि पुलिस ने आयोजक व बाबा के करीबी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है.
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, अखाड़ा परिषद जुलाई के तीसरे हफ्ते में प्रयागराज में बैठक करेगा. इस बैठक में भोले बाबा समेत संत और भगवान होने का दावा करने वाले कई भगवाधारियों और कथावाचकों को फर्जी बाबा घोषित किया जाएगा. बता दें कि प्रयागराज में कुंभ मेला प्रशासन के साथ अखाड़ा परिषद की बैठक 18 जुलाई को प्रस्तावित है. इसी दिन अखाड़ा परिषद की बैठक होगी. परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने मीडिया को बताया कि कुंभ मेला प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में भी नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा जैसे फर्जी संतो के मुद्दे को जोर- शोर से उठाया जाएगा. इसी के साथ ही मेला प्राधिकरण से अनुरोध किया जाएगा कि खुद के भगवान होने का दावा करने वाले भोले बाबा जैसे फर्जी बाबाओं को महाकुंभ में जमीन व दूसरी सरकारी सुविधाएं न दी जाएं. इसी के साथ ही मेला प्राधिकरण को ऐसे स्वयंभू भगवानों की लिस्ट भी दी जाएगी.
महंत रवींद्र पुरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अखाड़ा परिषद अब खुद ही भोले बाबा जैसे पाखंडियों का पर्दाफाश करेगा और लोगों को ऐसे फर्जी बाबाओं से दूर रहने की सलाह देगा. उन्होंने हाथरस की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि भगदड़ की घटना से पूरा संत समाज दुखी और मर्माहत है. ऐसी घटनाएं दोबारा ना हो, इसके लिए कथावाचकों आयोजकों और प्रशासन को सतर्क रहना होगा. इसके अलावा महंत रवींद्र पुरी ने निजी चैनल से फोन पर बात करते हुए दावा किया कि सूरजपाल उर्फ भोले बाबा कोई संत नहीं है. हम सब भगवान के अनुयायी हैं, जो भी बाबा या कथा वाचक खुद के अवतारी होने या चमत्कार दिखाने का दावा करता है, वह सभी फर्जी संत हैं और उनका धर्म आध्यात्मिक से कोई लेना-देना नहीं है. वह खुद के ब्रह्मा और विष्णु के अवतार होने का दावा करता है, महंत रवींद्र पुरी के मुताबिक हम सब मनुष्य हैं भगवान नहीं है.
-भारत एक्सप्रेस
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