उत्तर प्रदेश

मलिन बस्तियों में रहने वालों की जिंदगी संवारेंगे सीएम योगी, नगर विकास विभाग को खाका तैयार करने के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नगर विकास विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अनेक भावी योजनाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

बैठक में सीएम योगी ने कहा कि नगरों में वाहनों की पार्किंग एक चुनौती बनती जा रही है. इसके समुचित समाधान के लिए शासन, प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना पड़ेगा. इसे सुनिश्चित करना ही होगा कि वाहन तय पार्किंग स्थल पर ही खड़े हों, सड़क किनारे नहीं. आवश्यकता पड़े तो इंफोर्समेंट की कार्रवाई भी की जाए. मल्टीलेवल पार्किंग प्रणाली उपयोगी सिद्ध हो रही है. मल्टीलेवल पार्किंग में कॉमर्शियल स्पेस जरूर रखें. नए पार्किंग स्थल के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अध्ययन करने के उपरांत ही कार्ययोजना तैयार करें. भविष्य के दृष्टिगत बेहतर पार्किंग सुविधा के लिए ‘पार्किंग स्थल नियम’ तैयार किए जाएं.

मलिन बस्तियों को लेकर जरूरी निर्देश

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी सड़क किनारे बाइक, कार, टैक्सी की पार्किंग न हो. स्ट्रीट वेंडरों को एक जगह नियोजित करें. अवैध टैक्सी स्टैंडों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. नगरीय परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को प्रोत्साहित करें. मलिन बस्तियों के पुनरुद्धार के लिए नियोजित प्रयास किया जाना अपेक्षित है. प्रत्येक नगर निगम में एक-एक मलिन बस्ती को चिन्हित कर वहां बहुमंजिला आवासीय परिसर के विकास की योजना तैयार करें. इस आवासीय परिसर के समीप स्कूल, मार्केट, पार्क जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए. यहां जो बाजार विकसित करें, उसमें इसी मलिन बस्ती के परिवार को दुकान आवंटित करें. जो पार्क बनाएं, उसके संचालन की जिम्मेदारी भी इन्हें ही दी जाए. इस प्रकार चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में मलिन बस्तियों का पुनरुद्धार हो सकेगा. यहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में यह प्रयास अत्यंत उपयोगी होगा.

सीएम योगी ने कहा कि जलजमाव का सबसे बड़ा कारण नालों, नालियों पर किया गया अतिक्रमण है. नालियों, नालों पर जहां कहीं अतिक्रमण है, जनता के साथ संवाद बनाकर समाधान निकालें. कार्रवाई के समय इसका ध्यान जरूर रखें कि संबंधित परिवार को मकान के भीतर आने-जाने में अनावश्यक असुविधा न हो. नगरीय क्षेत्रों में बेतरतीब लगे विज्ञापन होर्डिंग न केवल नगर की सुंदरता खराब करते हैं बल्कि आए दिन दुर्घटना का कारक बन रहे हैं, इसे व्यवस्थित किए जाने की आवश्यकता है. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी नगरीय क्षेत्र में किसी भवन के ऊपर होर्डिंग नहीं लगाई जानी चाहिए. वर्तमान में प्रचलित होर्डिंग के स्थान पर एलईडी डिस्प्ले को स्थान दें. तय स्थान के अतिरिक्त और कहीं भी किसी प्रकार की विज्ञापन होर्डिंग नहीं लगाई जानी चाहिए.

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उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में नगरीय आबादी और जनसंख्या घनत्व में बढ़ोतरी तथा नगरीय निकायों के विस्तार आदि को दृष्टिगत रखते हुए नगरीय निकायों में कैडर पुनर्गठन की आवश्यकता है. नई व्यवस्था तय करते समय आबादी को आधार बनाएं. सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे, इसके लिए आवश्यक है कि वहां पर्याप्त मैनपॉवर की उपलब्धता हो. ईओ हो या सफाईकर्मी, कहीं भी किसी की रिक्तता न हो. हर काम की जवाबदेही तय होनी चाहिए. ‘ईज ऑफ लिविंग’ के भाव के साथ सभी नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए ‘स्मार्ट विकल्पों’ के साथ बेहतर परिवेश उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण अभियान में ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ की बड़ी भूमिका है. प्रदेश में 17 नगरों को स्मार्ट सिटी को रूप में अपग्रेड किए जाने की कार्यवाही चल रही है. हर एक योजना समय से पूरी हो, हर एक कार्य गुणवत्ता के मानकों को पूरा करता हो, इसे सुनिश्चित किया जाए. परियोजनाओं की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन भी कराएं.

सीएम योगी ने कहा कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के व्यायाम, पठन-पाठन, जलपान, चर्चा-विमर्श तथा बैंकिंग आवश्यकताओं को पूरा करने आदि के लिए विशेष केंद्र की स्थापना कराई जा रही है. इसे यथाशीघ्र पूरा कराएं. नगरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के प्रयास के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं. अपराध नियंत्रण में यह उपयोगी साबित हुए हैं. इस कार्य में जनता से भी अच्छा सहयोग मिला है. इसे और विस्तार दिए जाने की आवश्यकता है. नगरीय क्षेत्रों में हरित आच्छादन बढ़ाने के लिए और बेहतर प्रयास किया जाना आवश्यक है. हमारा प्रयास हो कि उत्तर प्रदेश के नगर पर्यावरण अनुकूल हों और लोगों का जीवन बेहतर हो. जनसहभागिता से ही यह प्रयास सफल होगा. इस भाव के साथ दृष्टिगत रखते हुए शहरी हरित और उद्यान विकास नीति तैयार करें.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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