मेरठ में UP STF ने करोड़ों रुपये की लक्जरी गाड़ियों के फर्जी लोन घोटाले का खुलासा करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड अनंगपाल नागर को गिरफ्तार कर लिया है पकड़ा गया आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और कई बैंकों को चूना लगाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहा था.
मेरठ एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि अनंगपाल और उसका गिरोह अलग-अलग बैंकों से महंगी गाड़ियां जैसे फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो और हाईराइडर फाइनेंस कराता था. इसके लिए वे फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड और गलत पते का सहारा लेते थे. लोन स्वीकृत होने के बाद वे गाड़ी तो ले लेते थे, लेकिन जिस पते पर बैंक को सूचना दी जाती थी, वह छोड़कर किसी अन्य स्थान पर रहने लगते थे. इससे बैंक उनकी किस्तों की वसूली नहीं कर पाते थे.
STF की मेरठ यूनिट के एडिशल एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि अनंगपाल ने खुलासा किया कि उसने अपनी महिला मित्र प्रीति के नाम पर ‘प्रीति डेयरी’ के नाम से एक फर्जी फर्म भी बनाई थी. यह फर्म अंसल टाउन, मोदीपुरम मेरठ के फ्लैट में दिखाई गई, जबकि उस पते पर ऐसा कोई व्यवसाय ही नहीं है. इस फर्जी फर्म का उपयोग बैंक लोन लेते वक्त आय और व्यवसायिक पहचान साबित करने के लिए किया गया.
आरोपी ने बैंकों को चकमा देने के लिए अपने कई साथियों के नाम पर खाते खुलवाए और उनमें गलत पते दर्ज करवाए. इन खातों में पैसे का लेन-देन इस तरह दिखाया गया कि बैंक को यह लगे कि आवेदक की आय स्थिर और नियमित है, ताकि सिविल स्कोर मजबूत नजर आए और लोन आसानी से पास हो जाए.
अब तक की जांच में सामने आया है कि अनंगपाल ने एसबीआई ब्रहमपुरी मेरठ शाखा से अपने गांव के साथी के नाम पर एक फॉर्च्यूनर 40 लाख रुपये में फाइनेंस कराई थी. इसके अलावा उसने इंडियन बैंक यूनिवर्सिटी मेरठ से अपनी महिला मित्र के नाम पर स्कॉर्पियो एन 18.5 लाख में फाइनेंस करवाई. बाद में यह गाड़ी फरवरी 2025 में 11 लाख में मोहित सिवाच नाम के व्यक्ति के पास गिरवीं रख दी गई. इसी तरह टोयोटा फाइनेंस से एक हाईराइडर गाड़ी 18 लाख में फाइनेंस कराई गई, जिसे प्रदीप शर्मा नाम का व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा है.
इसके अलावा एक अन्य हाईराइडर गाड़ी आईसीआईसीआई बैंक गुड़गांव से 18 लाख रुपये में फाइनेंस कराई गई, जो कि एक फर्जी पते पर थी. बाद में गाजियाबाद की स्पिनी कंपनी को 16 लाख में बेच दी गई. वहीं एक फॉर्च्यूनर गाड़ी अनंगपाल ने अपनी पत्नी के नाम पर 40 लाख में फाइनेंस कराई और बाद में उसे 14 लाख में विक्की पंडित निवासी आबूलेन मेरठ को बेच दिया.
अब मेरठ एसटीएफ ने अनंगपाल को भावनपुर थाना इलाके से गिरफ्तार कर लिया है और उसके गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है. पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने अब तक दर्जनों गाड़ियों को इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन पर लिया और फिर उन्हें बेचकर मोटा मुनाफा कमाया. पूरे मामले की जांच की जा रही है.
ये भी पढ़ें: भूस्खलन से तबाह सिक्किम में भारतीय वायुसेना का बड़ा राहत अभियान, 33 लोगों को किया गया एयरलिफ्ट
-भारत एक्सप्रेस
LIC Best Double Bonus Scheme: एलआईसी की जीवन आनंद पॉलिसी के जरिए आप हर दिन…
MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. चांदी ₹15,087…
Pakistan News: पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच ट्राई सीरीज मैच में पाकिस्तानी टीम अपनी पारंपरिक…
Raw oil prices: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत $115…
IMD के मौसम पूर्वानुमान को लेकर 26 अक्टूबर को कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं…
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत का दावा किया…