उत्तर प्रदेश

मोदी सरकार की नई क्रेडिट गारंटी स्कीम से यूपी के उद्यमियों की बल्ले-बल्ले, MSME सेक्टर को लगेंगे पंख

आम बजट में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. सबसे प्रमुख घोषणा एक नई क्रेडिट गारंटी स्कीम की है, जिसके तहत एमएसएमई इकाइयों को कोलेट्रल फ्री ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए एक स्व-वित्तपोषित गारंटी फंड स्थापित किया जाएगा, जो प्रत्येक उधारकर्ता को 100 करोड़ रुपए तक का गारंटी कवर प्रदान करेगा.

इस पहल से उत्तर प्रदेश की उन छोटी इकाइयों को भी लाभ मिलेगा जो अपरिहार्य कारणों से समय पर ऋण चुकता नहीं कर पा रही हैं और इससे उनके खातों को एनपीए होने से भी बचाया जा सकेगा.

राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वर्तमान में एमएसएमई इकाइयों को विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव उनकी आर्थिक स्थिरता पर पड़ता है. इस समस्या के समाधान के लिए बजट में एक नया क्रेडिट असेसमेंट मॉडल पेश किया जाएगा, जो डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर ऋण की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाएगा.

उन्होंने बताया कि यह नई प्रणाली बैंकों से ऋण प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करेगी, जो अब तक परंपरागत रूप से असेट्स और टर्नओवर के आधार पर ऋण देती रही हैं. बजट में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण की सीमा को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की घोषणा की गई है. यह सुविधा उन इकाइयों के लिए होगी, जिन्होंने पूर्व में लिए गए ऋण को तय समय सीमा में चुकाया है. एमएसएमई क्लस्टर्स में अगले तीन वर्षों में सिडबी की 24 नई शाखाएं खोली जाएंगी, जिससे एमएसएमई इकाइयों को ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी.

यह भी पढ़ें- वाराणसी में परियोजना का काम धीमा होने पर नाराज हुए सीएम योगी, अब हर परियोजना के लिए अलग अफसर की तैनाती

उन्होंने बताया कि ट्रेड्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की सीमा को वर्तमान 500 करोड़ रुपए से घटाकर 250 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जिससे अधिक एमएसएमई इकाइयां इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो सकेंगी और आसानी से क्रेडिट प्राप्त कर सकेंगी. पीपीई मॉडल पर ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट हब एमएसएमई और पारंपरिक कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पादों को बेचने में मदद करेंगे. इसके साथ ही, 100 एनएबी मान्यता प्राप्त फूड टेस्टिंग लैब्स खाद्य प्रसंस्करण संबंधित इकाइयों को उच्च गुणवत्ता वाली परीक्षण सेवाएं प्रदान करेंगी. ये प्रावधान एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने और देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

PM मोदी के जन्मदिन से पहले भाजपा ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया, रैली में कवर होंगे 1,159 गांव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक सेवा काल को पूरा करने के अवसर…

4 hours ago

संजू-अभिषेक का तूफानी गदर: भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, सीरीज पर 2-0 से जमाया कब्जा

India Vs Afghanistan T20: भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में…

4 hours ago

समुद्र में फ्लेयर्स, हवा में घुसा ड्रोन! रूस की खतरनाक हरकतों पर अलर्ट मोड में NATO और यूरोपीय संघ

Russia Europe Tensions: रूस की ओर से यूरोप में लगातार हो रही 'उकसावे की कार्रवाइयों'…

4 hours ago

‘टक्कर इतनी तेज कि हवा में उछला युवक…’ ग्रेटर नोएडा के मूर्ति चौक पर हुआ दर्दनाक हादसा

ग्रेटर नोएडा के मूर्ति चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे युवक…

4 hours ago

बिहार पुलिस महकमे में क्या पक रहा है? दो शीर्ष अधिकारियों के अचानक छुट्टी पर जाने से मचा हड़कंप

BPSSC Chairman Leave: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व…

5 hours ago