उत्तर प्रदेश

उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत मामला: ड्रग्स कंपनी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, बहाल हुआ निलंबित लाइसेंस

Prayagraj News: उज्बेकिस्तान के समरकंद में करीब चार साल पहले सिरप के सेवन से 15 बच्चों की मौत के बाद कार्रवाई की जद में आई नोएडा के सेक्टर 67 स्थित मेसर्स मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकलपीठ ने इस फर्म के लाइसेंस को निलंबित करने संबंधी कार्रवाई को रद कर दिया है. यह कार्रवाई कार्यालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अलीगंज लखनऊ ने की थी.

फर्म को केवल निर्यात के प्रयोजनों के लिए अतिरिक्त दवा वस्तु (मात्रा आधारित) का निर्माण करने की अनुमति दी गई थी. यह डीओके-1 मैक्स सिरप बनाती है. इसके सेवन के कारण उज्बेकिस्तान गणराज्य के समरकंद में 15 बच्चों की मौत की जानकारी मिलने के बाद केंद्र और राज्य औषधि प्राधिकरण की संयुक्त निरीक्षण टीम ने 27 दिसंबर 2022 से 12 जनवरी 2023 के बीच याची के कारखाने परिसर में कई बार निरीक्षण किया. परीक्षण और विश्लेषण के उद्देश्य से दवाओं के नमूने लिए गए.

अपील और पुनरीक्षण की प्रक्रिया में उलझा मामला

याची से 30 दिसंबर 2022 को जारी कारण बताओ नोटिस में पूछा गया कि क्यों न शर्तों के उल्लंघन के कारण औषधि लाइसेंस (फॉर्म 25 और फॉर्म 28) रद/निलंबित कर दिया जाए. याची ने इसका जवाब 13 जनवरी 2023 को दिया.

याची को मार्च में बताया गया कि सरकारी विश्लेषक, क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (आरडीटीएल), चंडीगढ़ में नमूने “मानक गुणवत्ता के नहीं” मिले हैं. डीआइ एथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) आवश्यक मानक से अधिक है. इसके बाद औषधि अनुज्ञापन-सह-नियंत्रण प्राधिकरण ने 13मार्च 2023 को याची काख लाइसेंस निरस्त कर दिया.

इस आदेश के खिलाफ जून 2023 में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की गई. इसे आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए अगस्त में औषधि लाइसेंस को पुनर्जीवित कर दिया गया. अपीलीय प्राधिकारी के 11 अगस्त 2023 के आदेश को सहायक आयुक्त (औषधि) मुख्यालय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ ने पुनरीक्षण आवेदन में चुनौती दी.

हाई कोर्ट ने समीक्षा आदेश को रद्द किया

इसे अपीलीय प्राधिकरण (प्रतिवादी संख्या 2) ने स्वीकार कर लिया. पूर्व आदेश को इस निर्देश के साथ निलंबित कर दिया कि विनिर्माण विनिर्माण कंपनी के गलत प्रतिनिधित्व के कारण अपीलीय प्राधिकारी ने गलत आदेश पारित है और इसे सही किए जाने की आवश्यकता है. कंपनी ताशकंद के अंतर जिला आर्थिक न्यायालय की सही प्रति प्रस्तुत करने में विफल रही. इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई.

सुनवाई में यह बात सामने आई कि उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने ताशकंद के अंतर जिला आर्थिक न्यायालय के 13 जनवरी 2023 के उस निर्णय को सुधारा है जिसमें कंपनी द्वारा निर्मित सभी “उपयोग के लिए अनुपयुक्त औषधियों” को नष्ट करने का आदेश पारित किया था. एकल पीठ ने कहा, रिट को अनुमति दी जाती है और समीक्षा अधिकारी द्वारा पारित आदेश रद किया जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस 

विशाल तलवार

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