टाटा ट्रस्ट्स अब देश में सिर्फ सामाजिक योजनाओं को आर्थिक मदद देने तक सीमित नहीं रहना चाहता. संस्था आने वाले वर्षों में ऐसे बड़े और टिकाऊ संस्थान खड़े करने की तैयारी में है, जिनका फायदा लंबे समय तक आम लोगों को मिल सके. टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने रविवार को संस्था के नए विजन और रोडमैप की जानकारी देते हुए हेल्थकेयर और एजुकेशन को खास प्राथमिकता देने की बात कही.
नोएल टाटा ने यह बात इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (IIM-B) के एलुमनाई लीडरशिप कॉन्क्लेव ‘IIMBue 2026’ में कही. उन्होंने संकेत दिया कि टाटा ट्रस्ट्स अब अपनी भूमिका को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है. इसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े संस्थान और सुविधाएं विकसित करने पर जोर होगा.
टाटा ट्रस्ट्स की नई योजनाओं में सबसे अहम हेल्थकेयर से जुड़ी पहल है. संस्था देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 40 से 50 जनरल अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रही है. इन अस्पतालों को नॉन-प्रॉफिट मॉडल पर चलाने का लक्ष्य है, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपेक्षाकृत किफायती दरों पर मिल सकें.
भारत जैसे बड़े देश में गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आज भी एक बड़ी चुनौती है. खासकर छोटे शहरों और उन इलाकों में जहां बड़े अस्पतालों की संख्या सीमित है, वहां ऐसी पहल का सीधा असर आम परिवारों पर पड़ सकता है.
नोएल टाटा ने बताया कि यह योजना टाटा ट्रस्ट्स की मौजूदा स्वास्थ्य पहलों को आगे बढ़ाने का हिस्सा है. संस्था पहले ही असम सरकार के साथ मिलकर राज्य में 17 कैंसर केयर अस्पताल विकसित करने की दिशा में काम कर रही है. अब इसी अनुभव को व्यापक स्तर पर ले जाने की तैयारी है.
नोएल टाटा के मुताबिक टाटा ट्रस्ट्स की सोच अब केवल एनजीओ या अलग-अलग विकास परियोजनाओं को फंड उपलब्ध कराने तक सीमित रखने की नहीं है. इसके बजाय संस्था ऐसे संस्थान तैयार करना चाहती है जो आने वाली पीढ़ियों तक समाज के काम आते रहें.
यानी फोकस सिर्फ किसी एक परियोजना को पूरा करने पर नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है जिसका असर लंबे समय तक बना रहे. हेल्थकेयर के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी वर्ल्ड-क्लास संस्थान विकसित करने की दिशा में काम करने की बात कही गई है.
नोएल टाटा ने टाटा ट्रस्ट्स की नई दिशा को उस परंपरा से भी जोड़ा, जिसके तहत समूह ने देश में कई महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना में योगदान दिया है. इनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं.
उनका कहना था कि अब उसी विरासत को नए दौर की जरूरतों के मुताबिक आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.
टाटा ट्रस्ट्स लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में काम करता रहा है. लेकिन 40-50 नॉन-प्रॉफिट अस्पतालों और नए शैक्षणिक संस्थानों की योजना संस्था के कामकाज को कहीं अधिक बड़े और दीर्घकालिक स्तर पर ले जा सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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