दुनिया

दहशत में पाकिस्तान: अमेरिका के डंडे से लश्कर की भागम-भाग, क्या है पाक आर्मी का फ्लॉप ‘प्लान B’

एक तरफ दुनिया आतंकवाद से लड़ते हुए परेशान है. लगातार उसे खत्म करने के लिए कई शक्तियां काम कर रही है. अमेरिका ने भी इसी कड़ी में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट को लश्कर का हिस्सा माना है. इसी के साथ उसे प्रतिबंधित संगठनों की लिस्ट में डाल दिया गया है. दूसरी ओर हमारा पड़ोसी पाकिस्तान उसे बचाने के लिए हथकंडे अपनाने लगा है. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि भारत से घबराए और अमेरिका से डरे पाकिस्तान ने अब इस संगठन के हेडक्वार्टर को ही बदलने का फैसला लिया है.

अमेरिका ने चलाई तलवार

जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी ने यह फैसला अटॉर्नी जनरल और ट्रेजरी सचिव से सलाह पर लिया है. इसपर मुहर 2 जुलाई 2025 को लग गई थी. इसी आज यानी 18 जुलाई 2025 पर आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया गया है. अमेरिका ने अपने फैसले में TRF, KRF और कश्मीर रेजिस्टेंस को आतंकी संगठन माना है. सबसे खास बात कि इसे अलग-अलग संगठन मानने की जगह में लश्कर ए तैयबा का हिस्सा माना गया है. ये पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि, पाक सरकार और आर्मी इन संगठनों को सेवा के संगठन बताता है. UNSC में इनके नाम आने पर भी पाक ने आपत्ति जताई थी.

पाकिस्तान की नापाक हरकत जारी

पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से कभी भी बाज नहीं आ सकता है. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़ी ‘द रेजिस्टेंट फोर्स’ नाम की आतंकी संस्था को समर्थन दे रही है. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय को मुरीदके से बहावलपुर ले जाने की तैयारी चल रही है. हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए हैं.

माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना चाहती है कि लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंट फोर्स का मुख्यालय एक ही जगह ‘बहावलपुर’ में हो. इससे दोनों संगठनों को आसानी से संभाला जा सकता है और उनके बीच तालमेल बढ़ाया जा सकता है. इतना ही नहीं इसे हाल में हुए अमेरिका के फैसले से भी जोड़ा जा रहा है. मुख्यालय बदलने से संगठन को कुछ दिनों के लिए सभी की नजरों से बचाया जा सकता है. इसी कारण पाकिस्तान की सेना ये प्लान कर रही है.

भारत के लिए बड़ी जीत

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित दो बेहद संवेदनशील आतंकी ठिकानों मुरीदके और बहावलपुर  को निशाना बनाया था. बहावलपुर और मुरीदके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ड्रोन, रॉकेट या मिसाइल हमले किए गए थे. पाकिस्तान की ओर से इन घटनाओं को लेकर कोई औपचारिक स्वीकारोक्ति नहीं दी गई है, लेकिन स्थानीय रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर विस्फोट की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुईं थीं.

ये भी पढ़ें: SCO में हुआ पहलगाम हमले का जिक्र, चीन-पाकिस्तान को एस जयशंकर का कड़ा संदेश

अमेरिका ने पहलगाम हमले के लिए ‘द रेजिस्टेंट फोर्स‘ को विदेशी आतंकवादी संगठन और वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) संगठन में शामिल किया है. भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है. अमेरिका का ये फैसला भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत है. साथ ही साथ पाकिस्तान के रुख से साफ होता है कि वो पहलगाम हमले और उसके बाद बढ़े तनाव से डरा हुआ है. इस कारण वो अपने आकाओं को बचाने के लिए प्री प्लानिंग कर रहा है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

प्रेस की आजादी का आर्थिक मॉडल, रामनाथ गोयनका ने बिना विज्ञापन झुकाए कैसे बचाई मीडिया की साख?

रामनाथ गोयनका भारतीय पत्रकारिता के उन चुनिंदा नामों में हैं, जिन्होंने प्रेस की आजादी को…

2 minutes ago

बिहार MLC चुनाव: नीरज कुमार के नामांकन पर एनडीए का भरोसा, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा- जीत हमारी होगी

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपना नामांकन…

15 minutes ago

मणिपुर यौन हिंसा मामला में सुप्रीम कोर्ट ने दिए ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश

मणिपुर यौन हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और CBI को पीड़ित गवाहों…

42 minutes ago

जब ‘शेषन’ से कांपते थे नेता… लिंगदोह की तकरार और अब ज्ञानेश कुमार के दौर की चुनौतियां, जानिए कैसे बदला चुनाव आयोग?

भारत के लोकतंत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त का पद हमेशा से विशेष महत्व रखता रहा…

48 minutes ago

पीएम मोदी पर टिप्पणी मामले में पवन खेड़ा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने टाली सुनवाई

PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की एफआईआर रद्द करने…

1 hour ago

पत्नी से नाराज पति ने मायके के बाहर 3 स्कूटियों में लगाई आग, CCTV वीडियो हुआ वायरल

Prayagraj Scooter Fire: प्रयागराज में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने कथित तौर…

1 hour ago