SCO में विदेश मंत्री एस जयशंकर
S Jaishankar In SCO: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि एससीओ को अपने गठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद के खिलाफ एक अडिग स्थिति बनाए रखनी चाहिए. जयशंकर ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमला जम्मू-कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देने के लिए जानबूझकर किया गया था.
एस जयशंकर ने उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस हमले की निंदा की और हमलावरों को न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि एससीओ को अपने सदस्य देशों के बीच आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और क्षेत्रीय अखंडता के आधार पर सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि एससीओ के भीतर सहयोग को गहरा करने के लिए व्यापार, निवेश और आदान-प्रदान को बढ़ावा देना आवश्यक है.
अफगानिस्तान के लिए सहायता का आह्वान
जयशंकर ने अफगानिस्तान के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से एससीओ सदस्यों से विकास सहायता प्रदान करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की क्षेत्रीय स्थिरता और कल्याण के लिए यह आवश्यक है. उन्होंने कहा कि विश्व बहुध्रुवीयता की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में SCO जैसे समूहों की भूमिका अहम होगी. उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देशों को साझा एजेंडे पर साथ होना चाहिए.
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चीन और पाकिस्तान के साथ बातचीत
जयशंकर ने अपनी चीन यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ भी बातचीत की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की. जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अडिग स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि एससीओ को भी अपने गठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आतंकवाद के खिलाफ एक अडिग स्थिति बनाए रखनी चाहिए.
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