दुनिया

यूक्रेन को नाटो नहीं अमेरिका देगा सुरक्षा, Donald Trump के बयान पर रूस नाराज, जेलेंस्की बोले- हम शांति को तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोमवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) और यूरोपीय नेताओं के साथ अहम बैठक की. इस दौरान ट्रंप (Donald Trump) ने साफ कहा कि यूक्रेन को नाटो (NATO) में शामिल नहीं किया जाएगा लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी देश उसे सुरक्षा की गारंटी देंगे. उन्होंने कहा कि यूक्रेन को नाटो के आर्टिकल 5 जैसी सुरक्षा दी जाएगी यानी अगर उस पर हमला होता है तो अमेरिका और उसके साथी देश उसकी मदद करेंगे लेकिन नाटो के नियम औपचारिक रूप से लागू नहीं होंगे.

रूस ने क्यों जताई नाराजगी?

ट्रंप (Donald Trump) के इस बयान पर रूस (Russia) ने नाराजगी जताई है. रूस के सरकारी चैनल RT ने सवाल उठाया कि ट्रंप को यह कहने की क्या जरूरत थी कि अमेरिका यूक्रेन को सुरक्षा देता रहेगा. दरअसल, ट्रंप (Donald Trump) का यह बयान अलास्का में पुतिन से मुलाकात के तीन दिन बाद आया जहां उन्होंने यूक्रेन के लिए एक नई योजना की बात की थी.

जेलेंस्की ने क्या कहा?

बैठक में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा अमेरिका और यूरोपीय नेताओं पर निर्भर करती है. उन्होंने कहा कि हम युद्ध को खत्म करना चाहते हैं और अपने लोगों की वापसी चाहते हैं. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अगर पुतिन आक्रामकता छोड़ते हैं तो शांति संभव है लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं है कि रूस ऐसा करेगा.

जेलेंस्की ने की युद्धविराम की मांग

जेलेंस्की ने युद्धविराम की मांग करते हुए कहा कि पहले सीजफायर हो फिर बाकी मुद्दों पर बातचीत की जाए. उन्होंने यह भी साफ किया कि यूक्रेन किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेगा और नई सुरक्षा संरचना के लिए तैयार है.

इसे भी पढ़ें-Donald Trump की पहल पर पुतिन-जेलेंस्की की मुलाकात तय, दो हफ्तों में जंग पर फैसला संभव

इस बैठक को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप, पुतिन और जेलेंस्की के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हो सकती है. क्या बैठक में युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जा सके.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

उज्जैन में पत्थरबाजों की निकली हेकड़ी: दबोचे गए 20 उपद्रवी, मुंह छिपाते आए नजर

Ujjain Shahi Masjid controversy: उज्जैन शाही मस्जिद विवाद और पथराव के मामले में पुलिस ने…

11 minutes ago

निवेश से एक्सपोर्ट तक, कैसे यूपी बन रहा बिजनेस हब? जानें मंत्री नंद गोपाल नंदी की भूमिका

UP Investment Hub: उत्तर प्रदेश को निवेश और कारोबार का बड़ा केंद्र बनाने की कोशिशों…

20 minutes ago

यंग तुर्क की विरासत: कैसे बलिया की क्रांति आज भी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मिजाज को गढ़ रही?

Chandra Shekhar Young Turk: बलिया के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को ‘यंग तुर्क’ कहा गया, लेकिन…

49 minutes ago

सनोज मिश्र सभी आरोपों से बरी, तीस हजारी कोर्ट ने दी क्लीन चिट; अब वसीम रिजवी का क्या?

फिल्म निर्देशक सनोज मिश्र को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले…

52 minutes ago

ग्रीन रिवोल्यूशन 2.0: कैसे सूर्य प्रताप शाही ने यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाया

UP Agriculture में डिजिटल खेती, कृषि रिसर्च, प्राकृतिक खेती, सोलर पंप और बेहतर बाजार व्यवस्था…

1 hour ago

‘न पर्दा, न लाउडस्पीकर और न कोई ताम झाम!’ लालटेन की रोशनी में मंचन, यूनेस्को धरोहर ‘रामनगर रामलीला’ की अनकही कहानी

Ramnagar Ramlila: वाराणसी के रामनगर की रामलीला 220 साल से ज्यादा पुरानी जीवंत परंपरा है,…

1 hour ago