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वॉर जोन से हुंकार: सेना तो सेना खुद लेबनान में घुसे नेतन्याहू, जैकेट पहनकर जंग के मैदान में पहुंचे

Benjamin Netanyahu In Lebanon: मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध और सायरन की गूंज के बीच इजरायल ने एक बार फिर अपने दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया है. एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद इजरायल ने ईरान पर सीधे हमले रोक दिए हैं, वहीं लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ उसका एक्शन नॉन-स्टॉप जारी है. इस ताबड़तोड़ बमबारी के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को अचानक दक्षिणी लेबनान का दौरा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया.

बुलेटप्रूफ जैकेट पहने और नकाबपोश सैनिकों से घिरे नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. नेतन्याहू का यह दौरा ऐसे बेहद संवेदनशील वक्त पर हुआ है, जब पाकिस्तान में चल रही अमेरिका और ईरान की ऐतिहासिक शांति वार्ता बुरी तरह विफल हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में फिर से महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है.

नकाबपोश सैनिकों के बीच पहुंचे नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu Israel Lebanon War Zone)

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को दक्षिणी लेबनान पहुंचे और अपनी सेना (IDF) के वीर लड़ाकों का हौसला बढ़ाया. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल दौरे में नेतन्याहू के साथ इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज़, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर, और उत्तरी कमान के प्रमुख मेजर जनरल राफी मिलो भी मौजूद थे.

अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए नेतन्याहू ने लिखा कि आज लेबनान में, हमारे वीर लड़ाकों के साथ. वीडियो में नेतन्याहू फ्लैक वेस्ट (बुलेटप्रूफ जैकेट – जिसे कम स्पीड वाले प्रोजेक्टाइल से बचाने के लिए डिजाइन किया जाता है) पहने हुए नजर आ रहे हैं.

बुराई अस्तित्व के लिए लड़ रही है- Benjamin Netanyahu

लेबनान की धरती से अपने सैनिकों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि मैं यहां रक्षा मंत्री, चीफ ऑफ स्टाफ और हमारे शानदार रिजर्व सैनिकों के साथ हूं. यहां लड़ने का एक शानदार जज्बा है. युद्ध जारी है, जिसमें लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र के भीतर की कार्रवाई भी शामिल है.

ईरान और उसके समर्थित गुटों को चेतावनी देते हुए इजरायली पीएम ने कहा कि हमारे दुश्मन-ईरान और ‘बुराई की धुरी’ (Axis of Evil)- हमें खत्म करने आए थे, लेकिन अब वे खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं. हम इसे हर मोर्चे पर देख रहे हैं. हमने मूल रूप से मध्य पूर्व का चेहरा ही बदल दिया है.

लेबनान में इजरायल का ‘सिक्योरिटी जोन’

रणनीतिक उद्देश्यों की बात करते हुए नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने एक ‘सुरक्षा क्षेत्र’ (Security Zone) स्थापित करके लेबनान से होने वाले संभावित सीमा-पार आक्रमण के खतरे को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है. उन्होंने कहा कि जमीनी कार्रवाई से हिज्बुल्लाह के रॉकेट और एंटी-टैंक हमलों को रोकने में मदद मिली है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है.

इस बीच, रविवार को लेबनान की तरफ से इजरायल पर कम से कम 10 रॉकेट दागे गए, हालांकि इससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. जवाब में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के काना शहर और मारूब में जोरदार हमले किए, जिसमें क्रमशः 5 और 6 लोग मारे गए. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च 2026 से अब तक इजरायली हमलों में लेबनान के कम से कम 2,020 लोग मारे गए हैं और 6,436 घायल हुए हैं.

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल

नेतन्याहू का यह दौरा और आक्रामक बयानबाजी ऐसे समय सामने आई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान (इस्लामाबाद) में 21 घंटे तक चली ऐतिहासिक शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है. इस विफलता के बाद दो सप्ताह के लिए लागू किए गए नाजुक युद्धविराम का भविष्य अब अधर में लटक गया है.

ये भी पढ़ें: ‘वे स्टॉपवॉच लाए, हम कैलेंडर लेकर बैठ गए’ पीस टॉक फेल होने के बाद ईरान का अमेरिका पर तंज

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा अपना ‘अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव’ दिए जाने के बावजूद ईरान ने युद्ध समाप्ति की शर्तें स्वीकार नहीं कीं. वार्ता फेल होने का मुख्य कारण तेहरान का अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने से इनकार करना बताया जा रहा है.

सीजफायर ठंडे बस्ते में जाएगा

दक्षिणी लेबनान में बेंजामिन नेतन्याहू की भौतिक उपस्थिति महज एक सैन्य दौरा नहीं, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच विफल हुई शांति वार्ता के जवाब में इजरायल का एक कूटनीतिक शक्ति प्रदर्शन है. एक तरफ अमेरिका होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर आक्रामक हो रहा है, तो दूसरी तरफ इजरायल लेबनान में अपने सैन्य अभियान को और तेज करने के संकेत दे रहा है. ऐसे में यह साफ है कि पश्चिम एशिया (Middle East) में शांति की जो थोड़ी बहुत उम्मीद सीजफायर से जगी थी, वह अब तेजी से धुंधली पड़ रही है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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