रूस ने बुधवार को यूक्रेन के खिलाफ एक बड़ा हमला करते हुए 700 से अधिक मिसाइल और 100 ड्रोन से हमला किया, जिससे देश का ऊर्जा ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ. यह हमला क्रिसमस के दिन हुआ, जिसे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने “अमानवीय” करार दिया.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट करते हुए रूस पर जानबूझकर इस दिन का चयन करने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा, “रूस का हर बड़ा हमला तैयारी के लिए समय लेता है. यह कभी भी तात्कालिक निर्णय नहीं होता. यह लक्ष्य और समय का जानबूझकर किया गया चयन है. पुतिन ने क्रिसमस के दिन हमला करना चुना. इससे ज्यादा अमानवीय और क्या हो सकता है?”
जेलेंस्की ने आगे बताया कि इस हमले में 70 से अधिक मिसाइल, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं, और 100 से अधिक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. इनका मुख्य लक्ष्य यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था को ध्वस्त करना था.
खेरसॉन के गवर्नर ने पुष्टि की कि इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. डिनिप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में भी ठंड के बीच ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया. गवर्नर सेरगी लिसाक ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी.
पूर्वोत्तर शहर खारकीव भी इस हमले से अछूता नहीं रहा. वहां के मेयर इगोर तेरेखोव ने इसे “भारी मिसाइल हमला” बताया. क्षेत्रीय गवर्नर ने सात हमले दर्ज किए और कम से कम तीन लोगों के घायल होने की जानकारी दी.
फरवरी 2022 से शुरू हुए युद्ध में रूस ने बार-बार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया है. नवंबर में भी रूस ने लगभग 200 मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था, जिससे पूरे देश में बिजली कटौती हुई. जेलेंस्की ने रूस पर क्लस्टर बम का उपयोग करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने इसे “घृणित उन्नति” करार दिया.
यूक्रेन ने अपने सहयोगियों से उन्नत वायु रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. हाल ही में अमेरिका ने यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग करने की अनुमति दी है, जिसे लेकर रूस ने कड़ी चेतावनी दी है.
ठंड और निरंतर हमलों के बीच यूक्रेन एक कठिन सर्दी का सामना कर रहा है. वहीं, रूस का दावा है कि उसने इस साल 190 से अधिक यूक्रेनी बस्तियों पर कब्जा कर लिया है.
इस युद्ध में दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है. क्रिसमस के दिन हुए इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संघर्ष का अंत अभी दूर है.
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-भारत एक्सप्रेस
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