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क्या ट्रंप करेंगे ‘जंग खत्म’ होने का ऐलान या शुरू होगा दुनिया का सबसे बड़ा कमांडो ऑपरेशन? कल सुबह 6:30 बजे हटेगा सस्पेंस!

Donald Trump Iran war announcement: क्या मिडिल ईस्ट में जारी भीषण रक्तपात अब रुकने वाला है? क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति ईरान से अपने कदम पीछे खींचने जा रही है? ये सवाल इसलिए पूरी दुनिया में गूंज रहे हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज रात 9 बजे और भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 6:30 बजे व्हाइट हाउस के ‘ओवल ऑफिस’ से राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट ने इसे ईरान संघर्ष पर अब तक का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट (Donald Trump Iran War End) करार दिया है.

क्या अमेरिकी कमांडो घुसेंगे ईरान के अंदर?

इस संबोधन को लेकर जो सबसे बड़ी रिपोर्ट सामने आ रही है, वह बेहद चौंकाने वाली है. सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान के अंदर अपने विशेष कमांडो बल भेजने के एक अति-गोपनीय मिशन पर विचार कर रहा है. इस ‘हाई-रिस्क’ ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान के इस्फहान (Isfahan) जैसे परमाणु केंद्रों में रखे करीब 450 किलोग्राम अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित रूप से वहां से निकालना और उसे रेडियोएक्टिव खतरे से मुक्त करना है. अगर ट्रंप इस मिशन का ऐलान करते हैं, तो यह जंग का सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ साबित हो सकता है.

क्या 2 से 3 हफ्ते में खत्म हो सकता है युद्ध?

संबोधन से पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा बयान (Donald Trump Iran War End) देकर हलचल मचा दी है. उन्होंने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हम बहुत जल्द ईरान छोड़ देंगे, शायद दो या तीन हफ्तों के भीतर. हम अपना काम पूरा कर रहे हैं. ट्रंप के इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका का प्राथमिक सैन्य उद्देश्य (ईरान की परमाणु क्षमता को नष्ट करना) लगभग पूरा हो चुका है. हालांकि उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी जोड़ा कि अगर ईरान ने सहयोग नहीं किया, तो अमेरिका उसके तेल कुओं और ऊर्जा केंद्रों को ‘मिट्टी’ में मिलाने में देर नहीं करेगा.

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ईरान का क्या है रुख?

दूसरी तरफ ईरान ने अब तक किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई के अनुसार, पिछले एक महीने में अमेरिका के साथ कोई सीधा संवाद नहीं हुआ है. हालांकि पाकिस्तान और तुर्की जैसे मध्यस्थों के जरिए अमेरिका की ओर से बातचीत के प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचे हैं. सैन्य मोर्चे पर तनाव अब भी चरम पर है, क्योंकि मंगलवार को ही अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स ने इस्फहान के परमाणु ऊर्जा केंद्र पर फिर से हमला किया है, जहां विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान का अधिकांश परमाणु खजाना छिपा है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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