प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अमेरिकी दौरे के दौरान गुरुवार को टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क से मुलाकात की. यह मुलाकात वॉशिंगटन डीसी के ब्लेयर हाउस में हुई, जो व्हाइट हाउस के नजदीक स्थित एक सरकारी गेस्ट हाउस है. इसी जगह पर बाद में पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे.
इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे.
इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें एक्स (ट्विटर) पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “वॉशिंगटन डीसी में @elonmusk के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई. हमने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें वे विशेष रूप से रुचि रखते हैं, जैसे अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार. मैंने भारत में सुधार और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बारे में बात की.”
एलन मस्क इस मुलाकात में अपने परिवार के साथ पहुंचे. उनके साथ उनका पांच साल का बेटा ‘एक्स’ भी था. हाल ही में वह अपने पिता और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ ओवल ऑफिस में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान भी नजर आया था.
पहले भी हो चुकी हैं मोदी-मस्क मुलाकातें
यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी और एलन मस्क मिले हैं. दोनों की पहली मुलाकात 2015 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी ने सैन जोस स्थित टेस्ला फैक्ट्री का दौरा किया था. उस समय मस्क ने खुद उन्हें फैक्ट्री का भ्रमण कराया था.
एलन मस्क लंबे समय से भारत में एक किफायती इलेक्ट्रिक कार लाने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, इस प्रोजेक्ट पर अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है.
ट्रंप प्रशासन में मस्क की महत्वपूर्ण भूमिका
एलन मस्क का ट्रंप प्रशासन में खासा प्रभाव है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें सरकारी प्रशासन को अधिक कुशल और लागत प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी दी है. उनके प्रयासों के चलते अमेरिकी एजेंसी यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) को बंद कर दिया गया और इसका काम स्टेट डिपार्टमेंट में मिला दिया गया.
प्रधानमंत्री मोदी ने एलन मस्क से पहले अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज से मुलाकात की थी. इसके अलावा, उन्होंने बुधवार को तुलसी गैबार्ड से भी बातचीत की थी. तुलसी गैबार्ड हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की प्रमुख बनी हैं और अब वह पूरे 18 सदस्यीय इंटेलिजेंस समुदाय का नेतृत्व कर रही हैं.
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-भारत एक्सप्रेस