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Gen-Z पीढ़ी जो नेपाल में बन गई बदलाव की आवाज, कौन से उम्र के लोग इसमें आते हैं? जानें आप कौन से ग्रुप में आते हैं?

Gen-Z Generation: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन ने एक नई पीढ़ी Gen-Z को सुर्खियों में ला दिया है. सोमवार को हुए प्रदर्शन में सुरक्षाबलों और युवाओं के बीच झड़पें हुईं, जिसमें 21 लोगों की जान गई और 350 से ज्यादा घायल हुए. काठमांडू में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये Gen-Z है कौन?

Gen-Z कौन है?

Gen-Z यानी वो पीढ़ी जो साल 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है. आज के समय में ये 13 से 28 साल के युवा हैं, जो इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के साथ बड़े हुए हैं. इन्हें ‘डिजिटल नेटिव्स’ कहा जाता है क्योंकि इनका बचपन और जवानी तकनीक से जुड़ी रही है. ये पीढ़ी मिलेनियल्स (1981-1996) के बाद आती है और Gen-A (1928-1945) व बेबी बूमर्स (1946-1964) से बिल्कुल अलग सोच रखती है.

Gen-Z के लिए क्या अहम है?

Gen-Z के लिए ऑनलाइन एक्सप्रेशन, फ्री स्पीच और सोशल जस्टिस बेहद अहम हैं. यही वजह है कि नेपाल में जब सोशल मीडिया पर बैन लगा तो सबसे पहले आवाज इन्हीं युवाओं ने उठाई. इनके लिए इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक मंच है जहां वे अपनी बात कह सकते हैं और बदलाव की मांग कर सकते हैं.

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किस हिसाब से Gen-Z जेनरेशन को बांटा जाता है?

जेनरेशन को उम्र के हिसाब से बांटा जाता है. सबसे नई पीढ़ी Gen-Beta है जिसमें 0 से 14 साल तक के बच्चे आते हैं. ये बच्चे और भी ज्यादा तकनीकी होंगे क्योंकि इनका जन्म ही AI, इंटरनेट और स्मार्ट डिवाइसेज़ के बीच हुआ है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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