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ट्रंप के गाजा पट्टी पर कब्जा करने के बयान पर हमास ने जारी किया अपना बयान, कहा- ये ‘बिकाऊ’ नहीं है

हमास ने सोमवार को कहा कि गाजा ऐसी संपत्ति नहीं जिसे खरीदा या बेचा जा सके, यह कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र का अभिन्न अंग है. फिलिस्तीनी ग्रुप का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी के जवाब में आया जिसमें उन्होंने कहा था कि गाजा को खरीद रहा है और उसका स्वामित्व लेने के लिए प्रतिबद्ध है.

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य इज़्जत अल-रिश्क ने एक बयान में ट्रंप की टिप्पणी की निंदा की.

बयान में कहा गया, “हमारे फिलिस्तीनी लोग सभी विस्थापन और निर्वासन योजनाओं को नाकाम कर देंगे.” इसमें आगे कहा गया, “गाजा अपने लोगों का है.” ट्रंप ने रविवार को कहा कि वह ‘गाजा को खरीदने और उसका स्वामित्व रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’ उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य पूर्व के अन्य देशों को युद्धग्रस्त पट्टी का पुनर्निर्माण करने दे सकता है.

क्या है Trump का गाजा प्लान?

पिछले हफ्ते से ट्रंप लगातार गाजा को खाली कर उस पर कब्जे की बातें कर रहे हैं. उनके ‘गाजा प्लान’ की दुनिया भर में निंदा हो रही है लेकिन लगता है कि उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा. 4 जनवरी को वाशिंगटन में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना ‘गाजा प्लान’ पेश किया.

ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका युद्ध से तबाह गाजा पट्टी पर कब्जा करेगा और फिलिस्तीनियों को कहीं और बसाए जाने के बाद इसे आर्थिक रूप से विकसित करेगा. उन्होंने गाजा का विकास करने का प्रस्ताव रखते वक्त यह स्पष्ट कहा था कि फिलिस्तीनियों का विस्थापन स्थायी होगा. हालांकि बाद में व्हाइट हाउस में इस पर सफाई दी थी कि गाजा से कोई भी विस्थापन अस्थायी होगा.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा विरोध

ट्रंप ने गुरुवार को ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक बार फिर अपना विचार दोहराया. उन्होंने लिखा, “लड़ाई के अंत में इजरायल गाजा पट्टी को संयुक्त राज्य अमेरिका को सौंप दिया देगा.” उन्होंने यह भी दावा किया कि इस क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए जमीन पर किसी अमेरिकी सैनिक की जरूरत नहीं होगी.

6 जनवरी को नेतन्याहू ने इजरायल के चैनल 14 के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “सऊदी अरब में एक फिलिस्तीनी राज्य स्थापित किया जा सकता है. वहां उनके पास बहुत सारी जमीन है.” ट्रंप और नेतन्याहू दोनों की टिप्पणियों ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विरोध बढ़ा दिया है. कई देशों ने फिलिस्तीनियों को उनकी मातृभूमि से निकालने और दो-राज्य के समाधान के लिए उनके समर्थन को नकारा है.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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