विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के नेता और इस्तांबुल के मेयर एक्रेम इमामोग्लू.
Turkey Elections: रविवार (31 मार्च) को तुर्की के स्थानीय चुनावों में मुख्य विपक्षी पार्टी की व्यापक जीत के साथ राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन (Recep Tayyip Erdoğan) के शासन को अप्रत्याशित झटका लगा है. विपक्ष ने राजधानी अंकारा और इस्तांबुल सहित प्रमुख शहरों पर नियंत्रण बरकरार रखा, जहां एक्रेम इमामोग्लू (Ekrem Imamoğlu) ने मेयर के रूप में दूसरा कार्यकाल हासिल किया. वह पहली बार 2019 में इस्तांबुल के मेयर बने थे.
इमामोग्लू ने जीत की घोषणा करते हुए मुख्य विपक्ष रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के समर्थकों से कहा, ‘मेरे प्रिय इस्तांबुलवासियों आपने आज एक नए भविष्य का द्वार खोल दिया है. कल से तुर्की एक अलग तुर्की होगा. आपने लोकतंत्र, समानता और स्वतंत्रता के उदय का द्वार खोला है. आपने आशा की लौ जलाई है.’
राष्ट्रपति एर्दोआन ने लगभग 1 करोड़ 60 लाख लोगों की आबादी वाले तुर्की के मेगासिटी में एक नए युग की कसम खाई थी, लेकिन इस्तांबुल के मौजूदा मेयर इमामोग्लू ने राष्ट्रपति की एके पार्टी (AK Party) के उम्मीदवार को 11 से अधिक अंकों और लगभग 10 लाख वोटों से हराकर 50% से अधिक वोट हासिल किए हैं.
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21 साल पहले एर्दोआन के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार था कि उनकी पार्टी को देश भर में हार का सामना करना पड़ा है. रेसेप तैयप एर्दोआन के कार्यकाल के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति पद ने प्रधानमंत्री पद की तुलना में व्यापक शक्तियां अर्जित कर ली हैं, लेकिन शहरों में अब भी सीधे तौर पर चुने गए मेयरों का काफी प्रभाव है.
रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी ने राजधानी अंकारा, इस्तांबुल और इजमिर समेत पांच बड़े शहरों में जीत ये हासिल की है. पार्टी ने पश्चिमी तुर्की के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर लिया और काला सागर और मध्य अनातोलिया के बगल में अधिक रूढ़िवादी क्षेत्रों में जीत हासिल की, जो पारंपरिक रूप से इसकी नीतियों के प्रति शत्रुतापूर्ण माने जाने वाले क्षेत्र थे.
नतीजे जल्द ही राष्ट्रपति अर्दोआन के प्रति असंतोष का प्रतीक बन गए, जिन्होंने पिछले साल राष्ट्रपति पद जीतने के तुरंत बाद स्थानीय चुनावों में भाग लेने के लिए अपने समर्थकों को एकजुट करना शुरू कर दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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