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परमाणु ठिकानों पर बमबारी के बाद डोनाल्ड ट्रंप की धमकी- ईरान शांत रहे वरना विनाश होगा

नई दिल्ली/तेहरान, 22 जून — अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बीते 24 घंटों में अमेरिका ने ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी और सटीक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार देर रात पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन प्रमुख और संवेदनशील परमाणु ठिकानों—फोर्दो (Fordow), नतांज (Natanz) और इस्फहान (Isfahan)—पर सीधे हमले किए हैं. यह हमला अत्याधुनिक हथियारों और विशेष विमानों के ज़रिए अंजाम दिया गया, जिसे अब तक का सबसे “टार्गेटेड स्ट्राइक” कहा जा रहा है.

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के भूमिगत और बंकर संरक्षित परमाणु केंद्र फोर्दो को तबाह करने के लिए B-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल किया गया. इन विमानों ने GBU-57/B Massive Ordnance Penetrator (MOP) नामक बंकर बस्टर बम गिराए, जो लगभग 13,600 किलोग्राम वजनी होते हैं और 60 मीटर गहराई क क्रीट को भेद सकते हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, फोर्दो में छह GBU-57 बम, जबकि नतांज में दो बम गिराए गए. यह पहली बार है जब इतने गहरे भूमिगत परमाणु केंद्रों को सीधे ऐसे शक्तिशाली बमों से निशाना बनाया गया है.

पनडुब्बियों से 30 टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें दागीं

इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने अपनी पनडुब्बियों से 30 टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें दागीं, जिनका सीधा निशाना नतांज और इस्फहान के परमाणु प्रतिष्ठान थे. टॉमहॉक मिसाइलें लंबी दूरी तक मार करने वाली, GPS-गाइडेड और उच्च-सटीकता वाली मिसाइलें हैं, जिनका उपयोग अमेरिका पहले भी इराक और सीरिया जैसे अभियानों में कर चुका है.

इस संयुक्त हमले को अमेरिकी सैन्य रणनीति का बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है. फोर्दो जैसे सुरक्षित परमाणु ठिकाने पर MOP बमों का उपयोग यह दर्शाता है कि अमेरिका अब ईरान की परमाणु क्षमताओं को लेकर बेहद सख्त रुख अपना चुका है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस हमले ने ईरान के संवर्धन कार्यक्रम को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और इसका प्रभाव लंबे समय तक दिखेगा.

अब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया

इस कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है. इज़राइल ने अपनी रक्षा तैयारियों को “एसेन्शियल मोड” पर ला दिया है, जबकि ईरान ने अमेरिका को “भारी कीमत चुकाने” की चेतावनी दी है. ईरान की ओर से संभावित जवाबी हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिका और उसके सहयोगी देश हाई अलर्ट पर हैं.

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित है. संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने संयम बरतने की अपील की है, वहीं विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले, तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को एक बड़े युद्ध की आग में झोंक सकता है.

यह कार्रवाई केवल सैन्य प्रतिक्रिया नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश भी है कि अमेरिका अब किसी भी कीमत पर ईरान की परमाणु क्षमताओं को स्वीकार करने को तैयार नहीं है. अब देखना यह है कि ईरान इस हमले का किस रूप में जवाब देता है और क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ी हो चुकी है.

ये भी पढ़िए: ईरान-इजराइल जंग में कूदा अमेरिका, 3 परमाणु ठिकानों पर गिराए बम, कहा— ‘अभी कई टारगेट्स बाकी, अगर शांति नहीं हुई तो हम फिर…’

(Edited By Vijay Ram)

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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