AMCA ENGINE CRISIS
AMCA ENGINE CRISIS : भारत का सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा कार्यक्रम ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (AMCA) प्रोजेक्ट एक नई और बड़ी मुश्किल में फंस गया है. भारत के इस 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट (5th Generation Stealth Fighter Jet) के लिए चुना गया अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस का F414 इंजन अब दोगुने से भी ज्यादा महंगा हो गया है. रक्षा क्षेत्र के सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्यिक (कमर्शियल) बातचीत के दौरान इस इंजन की कीमत अचानक आसमान छूने लगी है, जिसने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
शुरुआत में इस अमेरिकी GE F414 इंजन की अनुमानित कीमत लगभग ₹70 से ₹80 करोड़ रुपये प्रति यूनिट आंकी गई थी. लेकिन अब चल रही व्यावसायिक वार्ताओं में अमेरिकी कंपनी ने इसकी कीमत करीब ₹200 करोड़ रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ा दी है. इसके अलावा, अमेरिकी कंपनी ने भारत में एक विशेष F414 असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग लाइन स्थापित करने के लिए लगभग $800 मिलियन (करीब ₹6,000 करोड़ रुपये) के निवेश की मांग की है. कीमत में आई इस अप्रत्याशित तेजी के कारण भारत और अमेरिका के बीच चल रही यह कमर्शियल बातचीत फिलहाल रुक गई है.
आपको बता दें कि यह F414 इंजन मूल रूप से भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस Mk-2 (Tejas Mk-2) के लिए चुना गया था. साथ ही इसे ट्विन-इंजन वाले AMCA Mk-1 के शुरुआती संस्करणों के लिए एक अंतरिम (कामचलाऊ) इंजन के रूप में तय किया गया था. योजना के मुताबिक, पहले 2 से 4 स्क्वाड्रनों में इस अमेरिकी इंजन का इस्तेमाल होना था, जिसके बाद भारत अधिक शक्तिशाली स्वदेशी इंजन विकसित करने वाला था.
यह भी पढ़ें: ‘वह तो ‘राजा बाबू’ हैं’, ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा तीखा तंज; यूपी में सियासी पारा हाई
चूंकि AMCA एक ट्विन-इंजन प्लेटफॉर्म है, इसलिए इसके शुरुआती 5 फ्लाइंग प्रोटोटाइप्स के विकास और परीक्षण के लिए भारत को कम से कम 15 इंजनों की तुरंत जरूरत है. सरकार ने इस प्रोटोटाइप फेज के लिए ₹15,000 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी भी दे रखी है. लेकिन अमेरिकी कंपनी के अड़ंगे से अब इस पूरे कार्यक्रम की समय-सीमा और लागत प्रभावित होने की आशंका है.
इस मौजूदा अनिश्चितता और गतिरोध के बीच रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने हाथ पर हाथ धरे बैठने के बजाय तेजी से अन्य वैश्विक विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है. भारत अब फ्रांस की कंपनी ‘सैफ्रान’ (Safran) और ब्रिटेन की ‘रोल्स-रॉयस’ (Rolls-Royce) के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है. हाल ही में रोल्स-रॉयस ने भारत को पूर्ण बौद्धिक संपदा अधिकार (IP Rights) और ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) के साथ उन्नत इंजन का सह-विकास करने का एक बड़ा कूटनीतिक ऑफर भी दिया है.
हालांकि, रक्षा वैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्टेज पर इंजन बदलना काफी जटिल काम होगा. चूंकि AMCA का एयरफ्रेम डिजाइन लगभग फाइनल (फ्रीज) हो चुका है, इसलिए नया इंजन आने पर उसकी डिजाइन, फ्लाइट कंट्रोल, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया को दोबारा नए इंजन के अनुकूल ढालना होगा, जिसमें अतिरिक्त समय लग सकता है. वर्तमान में सरकार ने इसके प्रोटोटाइप विकास के लिए देश की तीन बड़ी निजी कंपनियों—टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, एलएंडटी-बीईएल और भारत फोर्ज-बीईएमएल को पहले ही शॉर्टलिस्ट कर रखा है.
भारत एक्सप्रेस
PM Modi GST Relief: मोदी सरकार ने GST में 10% की कटौती कर उपभोक्ताओं को…
AI traffic camera mistake: बेंगलुरु में AI ट्रैफिक कैमरे ने स्कूटर सवार की पीठ पर…
Delhi NCR PUCC Rule: दिल्ली-NCR में 1 अक्टूबर से बिना PUCC पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा. 10,000…
राजेन्द्र चोल की शक्तिशाली नौसेना ने हिंद महासागर से दक्षिण-पूर्व एशिया तक चोल साम्राज्य का…
Disha Salian case: दिशा सालियन केस में उनके पिता सतीश सालियन, वकील नीलेश ओझा और…
Asian Games 2026: जापान में बारिश के चलते भारत-अफगानिस्तान क्वार्टर-फाइनल रद्द हो गया. नंबर-1 ICC…