दुनिया

खाड़ी देशों को भारत का ‘टाटा-बाय बाय’! अब अंगोला बुझाएगा देश की रसोई की प्यास; बड़ी डील की तैयारी

India Angola Gas Deal: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के चलते पूरी दुनिया गैस और तेल की कमी से जूझ रही है. कई देशों में इमरजेंसी जैसे हालात हैं. भारत में भी रसोई गैस की कमी देखने को मिल रही है. अब भारत ने इससे निकलने की तैयारी कर ली है. भारतीय कंपनियां नए देशों से LPG खरीदने के लिए नए देशों की तलाश कर रही है.

भारत की इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इडियन ऑयल जैसी कंपनियां अफ्रीकी देश अंगोला से बातचीत कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल और भारतीय कंपनियों से LPG खरीदने के संबंध में करार हो सकता है.

शुरुआती दौर में है बातचीत

ये कंपनियां अंगोला की कंपनी सोनानगोल से लंबे समय तक गैस सप्लाई के लिए समझौता करना चाहती हैं. हालांकि यह बातचीत अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन सरकारी स्तर पर भी इसपर विचार चल रहा है.

भारत अपने घरेलू खपत का लगभग 60 से 70 प्रतिशत घरेलू गैस आयात करता है. जिसमें से लगभग 92 प्रतिशत गैस खाड़ी देशों से आता है. ईरान जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से भारत पर पड़े असर को देखते हुए अब खाड़ी देशों पर अपनी निर्भरता घटाना चाहता है. अगर अंगोला से घरेलू गैस के लिए करार हो जाता है, तो जहाज अटलांटिक महासागर में मौजूद केप ऑफ गुड होप से सीधे अरब सागर होते हुए भारत पहुंच जाएंगे.

आखिर अंगोला ही क्यों?

भारत अंगोला से पहले से ही तेल और गैस का व्यापार करता रहा है. इसलिए दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन और भरोसा पहले से बना हुआ है. इस वजह से भारत को नई डील करने में परेशानी नहीं है.

अंगोला में एनर्जी सेक्टर को सरकार कंट्रोल करती है. वहां भारी मात्रा में गैस का उत्पादन होता है. इसलिए भारत की ऊर्जा जरूरतों को अंगोला काफी हद तक पूरा कर सकता है. अंगोला के पास 4.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है. जहां से भारत की जरूरतें पूरी हो सकती हैं.

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भारत अंगोला के अलावा अल्जीरिया, रूस और ऑस्ट्रेलिया से भी गैस खरीदने की दिशा में काम कर रहा है. ताकि सप्लाई चेन सिर्फ एक रिजन पर निर्भर ना रहे. गैस संकट का असर खाद और स्टील सेक्टर जैसे उद्योगों पर भी पड़ेगा. अगर होर्मुज संकट लंबे समय तक बना रहेगा तो गैस की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं. जिसकी वजह से भारत को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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