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समंदर में महासंग्राम! ईरान ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर दागीं मिसाइलें; पीछे हटने को मजबूर हुआ अमेरिका

Iran Isreal War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब खतरनाक हो गया है. अब ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाज एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमले किये हैं. जिसकी वजह से उसे अपना पोजिशन चेंज करना पड़ा.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने एक घंटा पहले ही अमेरिका को वार्निंग दी थी, जिसके बाद USS अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया. ईरान के मुताबिक उसने इस हमले में कादेर क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया. जिसकी वजह से अमेरिकी बेड़े को पीछे हटना पड़ा.

ईरानी नौसेना के प्रमुख शहराम ईरानी ने बताया कि वो अमेरिका के इस कैरियर की हर गतिविधि पर नजरें गड़ाये हुए हैं. अगर यह उनकी मिसाइलों के रेंज में आएगा तो उसपर जबरदस्त हमले किये जाएंगे. हालांकि ईरान के इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकती है. अमेरिका ने अभी तक इसपर कोई बयान जारी नहीं किये हैं.

बता दें कि USS अब्राहम लिंकन को चलता फिरता शहर कहा जाता है. इसकी लंबाई 333 मीटर और चौड़ाई 76.8 मीटर है. इस एयरक्राफ्ट कैरियर का वजन 1 लाख टन से भी ज्यादा है. जो 60 किलोमीटर की रफ्तार से समुंदर पर तैर सकता है.

कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 का है हिस्सा

अमेरिका का यह एयरक्राफ्ट कैरियर ‘कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3’ का हिस्सा है. एयरपैक के मुताबिक यह न्यूक्लियर पावर्ड वॉरशिप है, जिसे 25 से 30 सालों तक री-फ्यूलिंग की जरूरत नहीं पड़ती है. यानी एक बार समुंदर में उतरने के बाद इसे 30 सालों तक दोबारा फ्यूल के लिए तट पर आने की जरूरत नहीं पड़ती. एक बार में यह कैरियर 80 एयरक्राफ्ट को ले जा सकता है.

हमारे इरादों को ना परखे अमेरिका- ईरान

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि तेहरान अमेरिका की हर गर गतिविधि पर करीब से नजर रख रहा है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि अमेरिका हमारे इरादों को परखने की कोशिश ना करे.

ये भी पढ़ें- ईरान का वो डेथ ट्रैप जहां बेबस है अमेरिकी नेवी! जानें क्यों होर्मुज का ताला खोलना ट्रंप के लिए है सबसे बड़ी चुनौती

उधर इजरायल की ईरान पर बमबारी जारी है. इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अबतक 15000 से ज्यादा बम ईरान पर गिराये जा चुके हैं. जो कि पिछले साल जून में 12 दिनों तक चले संघर्ष की तुलना में 4 गुना अधिक है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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