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इज़राइली आर्मी ने सीरिया में सैन्य हेडक्वार्टर पर किया हमला, संघर्ष में अब तक 250 से अधिक नागरिकों की मौत

इजराइल ने बुधवार देर रात दमिश्क स्थित सीरियाई शासन के सैन्य मुख्यालय पर हमला कर दिया, जिससे रक्षा परिसर का प्रवेश द्वार उड़ गया. इजराइल की सेना (आईडीएफ) ने कहा कि यह हमला दक्षिणी सीरिया में ड्रूज (Druze) नागरिकों के खिलाफ सीरियाई शासन की कार्रवाई के जवाब में किया गया.

यहां स्थानीय युद्धविराम के टूटने के बाद से लड़ाई तेज हो गई है. IDF ने पुष्टि की कि वह निर्देशों के अनुसार क्षेत्र में लगातार हमले कर रहा है और वे उत्तरी सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण वह सतर्क है.

दमिश्क में इज़राइली सैन्य कार्रवाई

इज़राइली सेना ने कहा कि यह हमला सीरियाई रक्षा मंत्रालय के पास सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर किया गया. हवाई हमले का उद्देश्य स्वेदा (Sweida) प्रांत में फिर से शुरू हुई लड़ाई के बीच ड्रूज आबादी की रक्षा करना था.

इज़राइली वॉर रूम ने कहा, “कुछ समय पहले आईडीएफ ने सीरिया के दमिश्क क्षेत्र में सीरियाई शासन के आर्मी हेडक्वार्टर परिसर के प्रवेश द्वार पर हमला किया. निर्देशों के अनुसार, आईडीएफ क्षेत्र में हमले कर रहा है और विभिन्न परिस्थितियों के लिए तैयार है.”

एसोसिएटेड प्रेस की अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इज़राइल ने दमिश्क में सीरियाई रक्षा मंत्रालय के पास हमला किया. यह हाल ही में इज़राइल द्वारा किए गए कई हवाई हमलों के बाद हुआ है, क्योंकि इस क्षेत्र में पनपे संघर्ष का इज़राइली क्षेत्र में फैलने की आशंकाओं को लेकर तनाव बढ़ रहा है.

स्वेइदा में सीजफायर टूटने से फिर शुरू हुआ संघर्ष

स्वेइदा में सीरियाई शासन की सेना और स्थानीय ड्रूज़ मिलिशिया के बीच एक संघर्ष विराम टूट गया है जिससे यहां सड़कों पर भीषण लड़ाई और फिर से गोलाबारी शुरू हो गई.

सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने हथियारबंद गुटों पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और स्थिरता बहाल करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की घोषणा की. सीजफायर टूटने से लंबे समय तक चलने वाले सांप्रदायिक संघर्ष के खतरे को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, खासकर उस प्रांत में जो सीरिया में पहले से चल रहे गृहयुद्ध से अछूता था.

ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने अब तक 250 से ज़्यादा लोगों की मौत की पुष्टि की है. एपी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सैनिकों और हथियार बंद मिलिशिया, दोनों पर नागरिकों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है.


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-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

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