खेल

Happy Birthday Pooja Sihag: पिता कहते थे- ‘आज हारी है, तो कल जीतेगी’, इसी को बनाया कुश्‍ती का मंत्र, पूरे किए सपने

हरियाणा की पूजा सिहाग भारतीय रेसलिंग जगत का जाना-पहचाना नाम हैं. रेसलिंग मैट पर विरोधियों को पटखनी देने वाली पूजा को उनकी जिंदगी ने कई बार दुख दिया, लेकिन पूजा इससे टूटी नहीं. पूजा ने मुसीबतों का डटकर सामना किया और देश के लिए पदक जीते.

बचपन और रेसलिंग की शुरुआत

17 जुलाई 1997 को हिसार में जन्मीं पूजा का बचपन में वजन बहुत ज्यादा था. पिता सुभाष सिहाग उन्हें प्यार से ‘पहलवान’ कहकर पुकारते थे. वह चाहते थे कि बेटी रेसलिंग शुरू करे, ताकि फिट रहे.

लड़कियों के लिए रेसलिंग एकेडमी

पूजा सिहाग के गांव में साल 2011 में लड़कियों के लिए रेसलिंग एकेडमी बनी, जिसमें काफी लड़कियां जाती थीं. माता-पिता ने भी पूजा को रेसलिंग से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. माता-पिता उन्हें एकेडमी में लेकर गए, जहां कोच पूजा की जमकर ट्रेनिंग करवाते. शुरुआत में पूजा का मन यहां बिल्कुल भी नहीं लगता था. उस समय पूजा की उम्र करीब 12-13 साल थी.

पिता बोलते थे- ‘आज हारी है, तो कल जीतेगी’

शुरुआत में जब पूजा हारतीं, तो रोने लगतीं, लेकिन पिता हमेशा कहते कि ‘आज हारी है, तो कल जीतेगी.’ पिता की यह बात पूजा के दिमाग में बैठ गई.

सीनियर्स को हराते-हराते मशहूर रेसलर बनीं

पूजा धीरे-धीरे सीनियर खिलाड़ियों के साथ रेसलिंग करने लगीं. मैट पर सीनियर्स को हराते-हराते पूजा हरियाणा की मशहूर रेसलर बन चुकी थीं. पूजा सिहाग ने एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप-2019 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जिसके बाद एशियन चैंपियनशिप-2021 में ब्रॉन्ज जीता.

2020 में पिता के निधन की खबर से ठेस पहुंची

साल 2020 में ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान पूजा को पिता के निधन की खबर लगी, जिससे वह बुरी तरह टूट गईं. पूजा के मन में रेसलिंग छोड़ने तक का ख्याल आने लगा था, लेकिन पिता चाहते थे कि बेटी नामी पहलवान बने. ऐसे में पिता के सपने को पूरा करने के लिए पूजा फिर से मैट पर उतरीं, लेकिन दुर्भाग्यवश ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं. हालांकि, उनके दिमाग में पिता के सपने को पूरा करने की बात जरूर थी.

2022 में कोहनी चोटिल हुई, मुकाबला हारना पड़ा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के ट्रायल से पहले पूजा की कोहनी चोटिल हो गई, जिसके चलते वह ट्रेनिंग नहीं कर पाईं. इस बीच ट्रायल से दो महीने पहले वह जूनियर खिलाड़ी से हार गईं. इस हार ने एक बार फिर पूजा को मानसिक रूप से तोड़ दिया था, लेकिन बड़े भाई ने उनका मनोबल बढ़ाया.

डी ब्रूइन को मात देते हुए जीत लिया ब्रॉन्ज मेडल

पूजा सिहाग ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के लिए क्वालीफाई किया था और इसके 9वें दिन 76 किलोग्राम भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की नाओमी डी ब्रूइन को मात देते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया.

यह भी प​ढिए: बर्थडे स्पेशल — कभी हॉकी स्टिक खरीदने के नहीं थे पैसे, चार बार ओलंपिक में बढ़ाई भारत की शान

आईएएनएस

Recent Posts

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव के रिजल्ट घोषित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव के नतीजे घोषित करने पर रोक लगा…

9 minutes ago

लो जी! युवक ने इंद्रदेव पर करा दी शिकायत, बारिश से तंग आकर DM से बोला- दिव्य संपर्क से रोक लगवाओ

Hardoi Indra Dev Complaint: उत्तर प्रदेश के हरदोई में लगातार बारिश से तंग आकर युवक…

21 minutes ago

अब ब्रांड्स के नाम से पहचाने जाएंगे रेलवे प्लेटफॉर्म, नंबर से पहले होगा कंपनियों का प्रचार; कमाई बढ़ाने का नया फॉर्मूला

भारतीय रेलवे ने अपनी आय बढ़ाने और गैर-किराया राजस्व मजबूत करने के लिए व्यस्त स्टेशनों…

34 minutes ago

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खबर! बारापुला फेज-3 शुरू, गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन

दिल्ली के बारापुला फेज 3 का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उद्घाटन किया. 3.5…

39 minutes ago

गिनती ही नहीं थम रही! उत्तर प्रदेश में 2 पर सिमटी कांग्रेस लड़ेगी 403 सीटें? दिल्ली प्लान से हिला गठबंधन

Congress Plan For UP Election: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दांव…

55 minutes ago

BJP ने बिहार-UP विधान परिषद चुनाव के लिए पत्ते खोले, 10 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान

Bihar-UP MLC Election: बीजेपी ने बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले स्नातक और शिक्षक…

1 hour ago