Khaleda Zia Passed Away: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री रह चुकीं खालिदा जिया 80 वर्ष की आयु में इस दुनिया से रुख़्सत हो गईं. आज ढाका में उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है. उनके पार्थिव शरीर को उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफनाया जाएगा. ढाका के मानिक मिया एवेन्यू में उनकी नमाज-ए-जनाजा हुई. वहां हजारों लोग इकट्ठा हुए. सुबह 11:50 बजे उनके पार्थिव शरीर को गुलशन एवेन्यू से लाया गया. यह फ्रीजर-वैन में था, जो राष्ट्रीय झंडे में लिपटा हुआ था.
खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के दौरान राजधानी ढाका में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां तैनात हैं. जनाजा के बाद उन्हें शेर-ए-बांग्ला नगर के जिया उद्यान में दफनाया जाएगा. बताया जा रहा है कि उनकी कब्र पहले से ही तैयार है.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने ढाका पहुंचे हैं. उन्होंने खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान से मुलाकात की है. तारिक बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं. उन्हें एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया शोक संदेश सौंपा है. विदेश मंत्री एस जयशंकर और तारिक की मुलाकात की तस्वीरें भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने कुछ ही देर पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें शेयर कीं. उन्होंने लिखा कि भारत सरकार ने खालिदा जिया के निधन पर शोक जताया. उनके लोकतंत्र में योगदान को सराहा. साथ ही फरवरी 2026 के चुनावों के बाद बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव से रिश्ते मजबूत होने की उम्मीद जताई.
खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक भी पहुंचे हैं, वे अंतिम संस्कार में हिस्सा लेंगे. उनके अलावा नेपाल के विदेश मंत्री बाला नंद शर्मा भी आए हैं. वे भी जनाजे में शामिल होंगे. ये नेता अपनी सरकारों की ओर से शोक जता रहे हैं.
खालिदा जिया के जनाजे में 32 देशों के राजनयिक शामिल हो रहे हैं. इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि हैं. अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत मेगन बोल्डिन, ब्रिटिश हाई कमिश्नर सारा कुक, चीनी राजदूत याओ वेन और ईयू के राजदूत माइकल मिलर जैसे नाम शामिल हैं. रूस, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, लीबिया, फिलीपींस, सिंगापुर, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, इटली, स्वीडन, स्पेन, इंडोनेशिया, नॉर्वे, ब्राजील, मोरक्को, ईरान, अल्जीरिया, ब्रुनेई, थाईलैंड, कतर, डेनमार्क और मलेशिया के राजदूत भी आ रहे हैं. ये सभी मानिक मिया एवेन्यू जा रहे हैं.
खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा नाम थीं. वे पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. उनके निधन से देश में शोक की लहर है. लोग उन्हें याद कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय नेता उनके योगदान को मान रहे हैं. यह घटना बांग्लादेश के लोकतंत्र और पड़ोसी देशों के रिश्तों को दिखाती है. आने वाले चुनावों में बदलाव की उम्मीद है.
नहीं दिखेगी दो बेगमों की लड़ाई! खालिदा जिया के निधन से किस ओर जाएगा बांग्लादेश का चुनाव?
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