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Khaleda Zia

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का 30 दिसंबर 2025 की सुबह निधन हो गया. पीएम मोदी ने खालिदा जिया के योगदान और उनके जाने से हुए खालीपन पर संवेदना व्यक्त की और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई.

Khaleda Zia Funeral: बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार आज ढाका में हो रहा है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत 32 देशों के राजनयिक इस दौरान ढाका में मौजूद रहेंगे. एस जयशंकर ने पीएम मोदी का शोक संदेश तारिक रहमान को सौंपा है.

Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की पूर्व पीएम और बीएनपी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनाव से पहले उनका जाना राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आया है.

सत्ता, संघर्ष और सियासत के हर मोड़ को करीब से देखने वाली एक सशक्त नेता अब खामोश हो गई हैं....दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं, बीएनपी की अध्यक्ष और मजबूत राजनीतिक पहचान बनीं बेगम खालिदा जिया का आज निधन हो गया....एक ऐसी महिला नेता, जिन्होंने सत्ता के शिखर से लेकर राजनीतिक संघर्षों तक का लंबा सफर तय किया, आज दुनिया को अलविदा कह गईं....आपको बतादें की बांग्लादेश ने अपनी एक बड़ी राजनीतिक हस्ती को खो दिया है.,,,बीएनपी की अध्यक्ष और देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार सुबह...

Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार को ढाका के अस्पताल में निधन हो गया. वह लंबे समय से बीमार थीं और इलाज के लिए भर्ती थीं. उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है.

BNP ने बताया कि उनकी हालत "बहुत क्रिटिकल" है. 80 साल की खालिदा ज़िया को रविवार रात ढाका के एवरकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, उनके फेफड़ों और दिल में इन्फेक्शन था.

Bangladesh: सत्तार ने नाम लिए बिना ये भी कहा कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को सब पता है, फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा. आरोप तो यहां तक हैं कि यूनुस के दौर में भ्रष्टाचार पहले से भी ज्यादा बढ़ गया है.

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्ता पलटने के साथ ही वहां जमात-ए-इस्लामी और भारत विरोधी ताकतें हिंदुओं और प्राचीन हिंदू मंदिरों पर हमला करने लगी हैं.

अस्पताल कम से कम 84 लोगों का इलाज किया जा रहा है जिनमें से अधिकांश छात्र हैं.

बैठक में आरक्षण विरोधी आंदोलन में मारे गए लोगों की याद में एक शोक प्रस्ताव भी पेश किया गया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई.