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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट! इंडोनेशिया ने कर्मचारियों के लिए 2 महीने बढ़ाया वर्क-फ्रॉम-होम

Indonesia Work From Home: इंडोनेशिया के एक वरिष्ठ मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच, सिविल सेवकों, सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए अपनी वर्क-फ्रॉम-होम नीति को दो महीने के लिए बढ़ाएगा.

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया के आर्थिक मामलों के समन्वय मंत्री एयरलांगा हार्टार्ट ने कहा कि सरकार मिडिल ईस्ट में हो रहे विकास पर करीब से नजर रख रही है और अभी एक्सटेंशन लागू करने की सही तारीख की घोषणा नहीं की है.

इस नीति के तहत, सरकारी कर्मचारी शुक्रवार को घर से काम करेंगे, जबकि ऑफिस में काम सोमवार से गुरुवार तक जारी रहेगा. प्राइवेट कंपनियों और सरकारी कंपनियों को हर हफ्ते एक दिन डब्ल्यूएफएच लागू करने की इजाजत है.

सरकार ने कहा कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों की सैलरी, बेनिफिट या सालाना छुट्टी के हक पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

ऑन-साइट ऑपरेशन वाले क्षेत्रों पर होगी लागू

छूट उन क्षेत्रों पर लागू होती है जिनमें ऑन-साइट ऑपरेशन की जरूरत होती है, जैसे स्वास्थ्य सुविधा, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक सर्विस, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और टूरिज्म. सरकार के मुताबिक, वैश्विक विकास के आधार पर नीति को और बढ़ाया जा सकता है.

गुरुवार को, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका तेहरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं देगा. इसे रोकने में नाकाम रहने पर मिडिल ईस्ट से आगे तक एक बड़ी लड़ाई शुरू हो सकती है.

ट्रंप ने मीडिया से कहा कि ईरान को न्यूक्लियर पावर बनने से रोकना उनकी सरकार की विदेश नीति की सबसे पहली प्राथमिकता है. ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दे सकते. आप मिडिल ईस्ट में परमाणु युद्ध करेंगे और वह युद्ध यहां आएगा, वह युद्ध यूरोप जाएगा.”

ईरान के साथ बातचीत जारी है

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि नतीजा किसी न किसी तरह से निर्णायक होगा.

उन्होंने कहा, “अभी हम बातचीत कर रहे हैं, और हम देखेंगे. लेकिन या तो हम इसे किसी न किसी तरह से हासिल कर लेंगे. उनके पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा.”

राष्ट्रपति ने उन रिपोर्ट्स पर भी बात की जिनमें कहा गया था कि ईरान, ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल चार्ज को औपचारिक बनाने की योजना पर बात कर रहा है. होर्मुज दुनिया के सबसे जरूरी तेल शिपिंग लेन में से एक है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए खुला और स्वतंत्र रहे.

उन्होंने स्ट्रेट को एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता बताते हुए कहा, “हम इसे खुला रखना चाहते हैं, हम इसे स्वतंत्र रखना चाहते हैं. हम टोल नहीं चाहते.”

अमेरिकी सेना इलाके में बढ़ाया नेवल ऑपरेशन

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने इस इलाके में नेवल ऑपरेशन के जरिए ईरान से जुड़े समुद्री ट्रैफिक पर असरदार नियंत्रण बना लिया है. उन्होंने कहा, “हमारी मंजूरी के बिना कोई भी जहाज अंदर नहीं जा पाया है. नेवी ने बहुत बढ़िया काम किया है.”

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी सेना ने हमलों और ऑपरेशन्स के जरिए ईरानी सेना की क्षमताओं को बहुत कम कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हमने उनकी नौसेना को खत्म कर दिया. हमने उनकी हवाई क्षमता को खत्म कर दिया. मैं कहूंगा कि हमने उनकी 85 फीसदी मिसाइल क्षमता खत्म कर दी.”

ट्रंप ने यह भी कहा कि लड़ाई के दौरान अमेरिका ने अपनी ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को तेजी से बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि हमारे पास ड्रोन बनाने और उन्हें गिराने, दोनों के लिए जबरदस्त तकनीक है.

ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर दिया बड़ा बयान

यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान को भविष्य के किसी समझौते के तहत बहुत ज्यादा संवर्धित यूरेनियम रखने की इजाजत होगी? इसपर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ जवाब दिया, “नहीं, हमें बहुत ज्यादा संवर्धित यूरेनियम मिलता है. हम इसे लेंगे.”

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उन्होंने आगे कहा कि यूरेनियम का स्टॉक शायद अमेरिका द्वारा सुरक्षित किए जाने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा. हमें इसकी जरूरत नहीं है. हम इसे नहीं चाहते. हम इसे मिलने के बाद शायद इसे नष्ट कर देंगे.

ट्रंप ने बार-बार ईरान के मुद्दे को घरेलू राजनीतिक झगड़ों या आर्थिक मुद्दों से ज्यादा जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि मैं इससे ज्यादा जरूरी बात और कुछ नहीं सोच सकता कि हम ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दे सकते.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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