नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से तबाही, 105 भारतीय समेत 384 लोग लापता. (AI IMAGE)
Nepal Flood Update: नेपाल के उत्तरी हिस्से में स्थित रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से विनाशकारी बाढ़ आ गई है. स्थानीय स्तर पर भारी बारिश न होने के बावजूद तिब्बत की ओर से आए इस जलसैलाब ने कई गांवों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को पूरी तरह से तबाह कर दिया है.
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में ग्लेशियर झील फटने (GLOF) के कारण अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही हुई है. इस आपदा में 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय पर्यटकों और 33 सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 384 लोग लापता हैं. बाढ़ से 6 प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं और सड़कें व बिजली आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हैं. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने आपात बैठक बुलाकर हेलीकॉप्टर कंपनियों को अलर्ट रखा है और नेपाली सेना बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है.
पड़ोसी देश नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. देखते ही देखते भोटेकोशी नदी के तेज बहाव में कई पक्के मकान, पुल और सड़कें समा गईं. बाढ़ का असर नुवाकोट और धाडिंग जिलों में सबसे ज्यादा देखा जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में स्थानीय स्तर पर बारिश नहीं हुई थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि तिब्बत की सीमा के पास किसी ग्लेशियर झील के फटने (GLOF) से यह सैलाब आया है.
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबिनारायण काफ्ले के अनुसार, अब तक नुवाकोट और धाडिंग से 8 शव बरामद किए जा चुके हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 384 लोग लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक (105 भारतीय) और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं. राहत और बचाव कार्य में जुटे सुरक्षा बलों के 33 जवान भी इस आपदा के बाद से लापता हैं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई. सरकार ने देश की सभी निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों को स्टैंडबाय और अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है. नेपाली सेना ने प्रभावित इलाकों में बचाव दल और हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए हैं, हालांकि बिजली और सड़कें ठप्प होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं.
इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के ऊर्जा क्षेत्र को गहरा झटका दिया है. नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) ने पुष्टि की है कि रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली 3A, त्रिशूली 3B हब सबस्टेशन, त्रिशूली और देवीघाट हाइड्रोपावर स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचा है. पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं बाधित हैं, जिन्हें बहाल करने के प्रयास जारी हैं.
अथॉरिटी ने कहा, ‘इस आपदा से अथॉरिटी की उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं… जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई है.’ अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में कई हाईवे भी बंद कर दिए गए हैं. नेपाल पुलिस और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में तिब्बत से सटे हिमालयी देश के कई जिलों में पहाड़ी घाटियों से होकर बहता मटमैला पानी तेजी से आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. आशंका जताई जा रही है कि यह पानी बिहार के 6 जिलों तक गंडक नदी के जरिए आ सकता है. इसे देखते हुए इन 6 जिलों को और NDRF टीम को अलर्ट पर रखा गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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