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तिब्बत से नेपाल में घुसी मौत! सैलाब ने मचाया भयानक तांडव; गायब हो गए गांव

Nepal Flash Flood: तिब्बत में ग्लेशियर झील फटने की आशंका के बीच नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई है. टिमुरे बाजार, कस्टम नाका, गाड़ियां और हेलीपैड बह गए हैं.. हालात को देखते हुए 5 जिलों में सेना और आपदा प्रबंधन का हाई अलर्ट जारी किया गया है.

Massive flood in Bhote Koshi river inundating Timure market and custom border area in Rasuwa district, Nepal

नेपाल में सैलाब से तबाही

Nepal Flash Flood: पड़ोसी देश नेपाल के उत्तरी इलाके में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है जिसने हर किसी को दहला कर रख दिया है. तिब्बत की ओर से भोटेकोशी (लेन्दे खोला) नदी में आए अचानक और भीषण सैलाब ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है. सीमा से सटे टिमुरे बाजार, रसुवा कस्टम नाका, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और दर्जनों वाहन इस तेज बहाव में तिनके की तरह बह गए हैं. हालात इतने भयानक हैं कि प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन समेत 5 जिलों में हाई-रिस्क अलर्ट जारी कर दिया है.

अचानक कहां से आया पानी? (Rasuwa Nepal flood)

इस जलप्रलय की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नेपाल के रसुवा और आसपास के इलाकों में बिल्कुल बारिश नहीं हुई थी और आसमान पूरी तरह साफ था. रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर बारिश न होने के बावजूद सुबह करीब 9 बजे नदी का जलस्तर अचानक कई गुना बढ़ गया. वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह तबाही तिब्बत के ऊपरी इलाके में किसी ग्लेशियर झील के फटने या किसी अस्थायी बांध के टूटने की वजह से आई है.

बिना लैंड किए लौटा रेस्क्यू हेलीकॉप्टर

बाढ़ का वेग इतना प्रचंड था कि टिमुरे में फंसे लोगों को निकालने गया ‘एल्टीट्यूड एयर’ का रेस्क्यू हेलीकॉप्टर लैंड ही नहीं कर सका और उसे वापस काठमांडू लौटना पड़ा. पायलट के मुताबिक, बाढ़ के पानी में टिमुरे का स्थानीय हेलीपैड पूरी तरह बह चुका है और आसमान से देखने पर पूरा गांव मलबे और पानी के नीचे दबा नजर आ रहा है.

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को चोट (Chilime hydropower project Nepal)

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि संभलने का मौका तक नहीं मिला. चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (Chilime Hydropower Project) समेत कई अन्य ऊर्जा परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है. सीमा नाके पर खड़े कंटेनर, ट्रक और कारें नदी के बहाव में समा गईं.

युद्धस्तर पर राहत और चीन से संपर्क (Bhote Koshi river flood Nepal)

हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के आपदा प्रबंधन और सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. नदी का यह उफान अब त्रिशूली नदी के जरिए निचले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए नदी किनारे रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, नेपाल का हाइड्रोलॉजी विभाग इस जलप्रलय के सटीक स्रोत का पता लगाने के लिए चीनी अधिकारियों और सैटेलाइट डेटा के संपर्क में जुटा है.



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