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नोबेल पुरस्कार मिला तो दुनिया में छाया Han Kang का नाम, अब किताबों की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड, बिकी लाखों प्रतियां

नोबेल पुरस्कार विजेता हान कांग (Han Kang) द्वारा लिखे गए उपन्यासों और लघु कथाओं की पांच लाख से अधिक प्रतियां दक्षिण कोरिया के दो प्रमुख ऑनलाइन बुक स्टोर पर बिक चुकी हैं. बुक स्टोर संचालकों ने रविवार को यह जानकारी दी.

Han Kang की किताबें तेजी से बिकीं

समाचार एजेंसी योनहाप ने क्योबो बुक सेंटर और यस24 के हवाले से बताया कि पिछले गुरुवार को साहित्य में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली दक्षिण कोरियाई महिला के रूप में उनकी जीत की घोषणा के बाद से रविवार को दोपहर 2 बजे तक उनकी पुस्तकों की लगभग 5,30,000 प्रतियां बिक चुकी थीं.

क्योबो ने गुरुवार से आज दोपहर तक लगभग दो लाख 60 हजार प्रतियां बेची, और यस 24 ने गुरुवार से रविवार दोपहर 2 बजे तक 270,000 प्रतियां बेचीं. कांग की कविता और उपन्यासों ने क्योबो और यस 24 दोनों पर रियल-टाइम बेस्टसेलर रैंकिंग में शीर्ष 11 स्थानों पर कब्जा कर लिया. साथ ही उनकी अधिकांश पुस्तकें अब प्रीऑर्डर के माध्यम से बेची जा रही हैं.

एक पुस्तक विक्रेता अधिकारी ने कहा कि आपूर्ति की कमी होने से सप्ताहांत तक और इस सप्ताह के प्रारम्भ तक अधिक स्टॉक आ जाएगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि उनका 2014 का उपन्यास “ह्यूमन एक्ट्स”, उसके बाद पुरस्कृत “द वेजिटेरियन” और उनकी सबसे हालिया कृति “वी डू नॉट पार्ट” बिक्री सूची में शीर्ष तीन स्थान पर रहीं.

पहली दक्षिण कोरियाई महिला

कांग ने गुरुवार को साहित्य में नोबेल पुरस्कार जीता, जिससे वह यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वालीं पहली दक्षिण कोरियाई बन गई और कोरियाई साहित्य की वैश्विक मान्यता के लिए मार्ग प्रशस्त किया.

बता दें कि साल 1970 में ग्वांगजू में जन्मी कांग ने 1993 में साहित्य के क्षेत्र में कदम रखा. “विंटर ऑफ सोल” सहित उनकी पांच कविताएं कोरियाई पत्रिका “लिटरेचर एंड सोसायटी” द्वारा प्रकाशित हुईं. उनकी पहली किताब “द स्कार्लेट एंकर” ने एक साहित्यिक प्रतियोगिता जीती.

यह भी पढ़ें- Nobel Prize 2024: दक्षिण कोरियाई लेखिका हेन कांग को मिला साहित्य में नोबेल पुरस्कार

उन्होंने अपनी पहली किताब 1995 में “लव इन योसु” प्रकाशित की, जो कहानियों का एक संग्रह है. हालांकि उन्हें वास्तविक ख्याति “द वेजिटेरियन” (मूल रूप से कोरियाई में 2007 में प्रकाशित) से मिली जो योंग-ह्ये की कहानी है. वह मांस से परहेज करके अपने परिवार और दोस्तों के खिलाफ विद्रोह करती है. इसके लिए उन्होंने 2016 में मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार भी जीता, जिससे कांग पहली दक्षिण कोरियाई विजेता बनीं.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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