‘खेल-खेल में बीता जीवन’: एक ‘अनचाहा बच्चा’, जो बन गया भारतीय संस्कृति का महानायक; जानें गिरिश कर्नाड की अनसुनी कहानी
दिग्गज साहित्यकार और अभिनेता गिरीश कर्नाड की आत्मकथा This Life at Play जीवन के अप्रत्याशित सच को उजागर करती है. आर्थिक तंगी के कारण उनके माता-पिता उनका गर्भपात कराना चाहते थे, लेकिन डॉक्टर न मिलने की एक छोटी सी घटना ने उनका जीवन बचा लिया.
मोबाइल के शोर के बीच किताबों में सुकून तलाशता मन, पढ़िए.. सुधा और चंदर के बदलते रूप की दास्तां
Gunahon Ka Devta LITERATURE BLOG: स्मार्टफोन के युग में किताबों से जुड़कर कैसा रहा 'गुनाहों का देवता' और 'मुसाफिर कैफ़े' तक का सफर? पढ़िए प्रेम और बदलते रिश्तों पर मेरा विशेष अनुभव.
अखिल भारतीय साहित्य परिषद् में श्रीधर पराड़कर की नई पुस्तक पर गोष्ठी, साहित्यकारों के लिए सजगता का संदेश
अखिल भारतीय साहित्य परिषद् ने श्रीधर पराड़कर की पुस्तक 'साहित्य का धर्म' पर गोष्ठी आयोजित की. पवनपुत्र बादल ने कहा कि यह पुस्तक साहित्य जगत को बदलने और भारतीयता से भरने के लिए प्रेरित करती है.
विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में आयोजित हुई सभा, पढ़िए प्रख्यात साहित्यकारों ने उनके योगदान को कैसे किया याद
विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति सभा में अशोक वाजपेयी बोले- लेखन और जीवन का अंतर मिटा दिया. सादगी, मासूमियत व प्रतिरोध की भाषा को याद किया गया. ज्ञानपीठ विजेता की विरासत मिली.
Bharat Express के भारत लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे बॉलीवुड स्टार पंकज त्रिपाठी, CMD उपेन्द्र राय ने भेंट किए अपनी पुस्तकों के संस्करण
Bharat Literature Festival: अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने आज भारत लिटरेचर फेस्टिवल में अपने अनुभव साझा किए. इस अवसर पर उन्हें भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन उपेन्द्र राय की पुस्तकें ‘हस्तक्षेप’ और ‘नजरिया’ भेंट की गईं. यहां वीडियो में उनका वक्तव्य सुनिए.
Pune Lit Fest: भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने कहा- किताबों के बिना जीवन अधूरा, इनके साथ स्किल भी जरूरी
भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय ने पुणे लिट फेस्ट में पुस्तकों का महत्व समझाया. उन्होंने AI के समाज से जुड़ाव पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिवेश में किताबों और AI का महत्व बहुत अधिक है.
नोबेल पुरस्कार मिला तो दुनिया में छाया Han Kang का नाम, अब किताबों की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड, बिकी लाखों प्रतियां
कांग ने गुरुवार को साहित्य में नोबेल पुरस्कार जीता, जिससे वह यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वालीं पहली दक्षिण कोरियाई बन गई और कोरियाई साहित्य की वैश्विक मान्यता के लिए मार्ग प्रशस्त किया.
Nobel Prize 2024: दक्षिण कोरियाई लेखिका हेन कांग को मिला साहित्य में नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कार 2024 के लिए सबसे पहले मेडिसिन फिर केमेस्ट्री और अब साहित्य के लिए नाम का ऐलान किया गया है.
कौन हैं बालमणि अम्मा, जिन्हें कहा जाता है ‘मलयालम साहित्य की दादी’, बिना स्कूल गए लिखी थीं 500 से ज़्यादा कविताएं
बालमणि अम्मा का जन्म 19 जुलाई 1909 का जन्म केरल के एक रुढ़िवादी परिवार में हुआ था, जहां लड़कियों को स्कूल भेजना अनुचित माना जाता था.
प्रभा खेतान: जिन्होंने स्त्री विमर्श को दी नई आवाज; रचनाओं में मिलता है बोल्ड और निर्भीक औरत का चित्रण
स्त्रियों को एक स्त्री ही समग्रता से समझ सकती है और प्रख्यात साहित्यकार प्रभा खेता ने साहित्य साधना में स्त्री के सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और नैतिक मूल्यों को गहराई से समझा था.





