पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव के बीच अफगान सुरक्षा बलों द्वारा पाकिस्तान पर आठ हमलों में 13 पाक सैनिकों की मौत हुई है. इस दौरान वजीरिस्तान में दो आत्मघाती बम धमाके भी हुए. तालिबान से जुड़ी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इन हमलों में बड़ी भूमिका निभाई है. पाकिस्तान की सेना की कई चौकियां, खासकर मिर अली, वजीरिस्तान में आतंकवादियों के निशाने पर रही.
शुक्रवार को पाकिस्तान के अफगानिस्तान सीमा के नजदीक मिर अली में सुरक्षा बलों के ठिकाने पर आत्मघाती कार बम धमाके के बाद जबरदस्त गोलीबारी हुई, जिसमें तीन आतंकवादी मारे गए. मिर अली में हुए दोनों आत्मघाती हमलों में कई पाक सैनिक शहीद हुए हैं. पहले धमाके का असर मिर अली के खड़ी चेकपोस्ट पर हुआ जबकि दूसरा हमला पाटसी अड्डा पर हुआ. इस क्षेत्र में अभी भी गोलीबारी जारी है. धमाकों से आस-पास के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
वहीं, पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है.
इस बीच, बुधवार को पाकिस्तान ने काबुल के जिले 4 में हवाई हमला किया, जिसमें कई आवासीय मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. स्थानीय निवासियों ने हमले के दौरान अपने परिवारों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव की बात कही. 50 वर्षीय अब्दुल रहीम ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य उस समय घर पर नहीं थे, लेकिन इस हमले से उनकी बेटी के कमरे को भी नुकसान पहुंचा.
उन्होंने कहा, “यह क्रूर हमला स्पष्ट रूप से हमारी सीमा उल्लंघन है. हमारे पड़ोसी भी कोई सैन्य व्यक्ति नहीं हैं.”
हमले के पास एक स्कूल भी है, जिसमें 500 से अधिक छात्र 50 कक्षाओं में पढ़ते हैं. स्कूल के अधिकारियों और छात्रों ने इस हमले पर गहरा दुःख व्यक्त किया. छात्र अहमद मोबाशिर ने कहा, “हम कुछ दिन पहले यहां पढ़ते और हंसते थे, आज स्कूल का यह हाल देखकर दिल टूट गया.”
गवाहों ने बताया कि महिलाओं और बच्चों में दहशत और भय का माहौल था. सईद हकीमयार ने कहा, “लोग, खासकर महिलाएं और बच्चे, इस हमले से भयभीत थे और क्षेत्र छोड़ने की सोच रहे थे.”
तस्वीर साफ है कि पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई ने नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचाया है और स्थानीय समुदाय सदमे में है.
यह हमला ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने सीमा पर जारी संघर्ष के बाद बुधवार को एक शांति समझौता किया था, जो शुक्रवार शाम को खत्म हो रहा है. यह संघर्ष 2021 के बाद सबसे हिंसक माना जा रहा है जब तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता संभाली थी.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, कतार ने दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के लिए दोहा में मेजबानी की पेशकश की है, लेकिन अभी तक दोनों सरकारों ने इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा विवाद अभी भी अस्थिर है और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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