दुनिया में आतंक की फैक्ट्री के नाम से पहचाना जाने वाला पाकिस्तान अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अगुवाई करेगा. जी हां. पाकिस्तान इस बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का अध्यक्ष बना है. इससे एक दिन पहले ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र भवन में आतंक परस्त पाकिस्तान की पोल खोली थी. जिसके तहत भारत ने ‘द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म’ नामक एक प्रदर्शनी का आयोजन किया था. जिसमें आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया गया था.
कौन सा देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करेगा, इसको लेकर एक प्रक्रिया है. 2025-2026 के लिए पाकिस्तान को सुरक्षा परिषद की यह सीट रोटेशन के तहत दी गई है. आखिर क्या है सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया, आइये समझते हैं.
पाकिस्तान को जून 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 2025 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर स्थायी सदस्य चुना गया. इस चुनाव में 193 में से पाकिस्तान को 182 मत प्राप्त हुए. इस चुनाव में पाकिस्तान को इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) का सहयोग मिला. जिसके चलते उसे भारी बहुमत मिला.
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बता दें कि, UNSC में 5 स्थाई और 10 गैर स्थाई सीटें होती हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सीटें रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका के पास हैं. वहीं 10 अस्थाई सीटों पर 2 सालों के लिए किसी देश को चुना जाता है. ये 10 अस्थाई सीटें भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर बनी हैं. जैसे पाकिस्तान एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आधार पर दो साल के लिए चुना गया है. पाकिस्तान से पहले यह सीट जापान के पास थी. इससे पहले पाकिस्तान 7 बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बन चुका है. यह उसका 8वां कार्यकाल है.
UNSC की रोटेशन प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यों के चयन की प्रणाली है. परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य होते हैं. अस्थायी सदस्य दो साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं और हर साल 5 नए देश शामिल होते हैं और 5 देश हटते हैं. इनका चयन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दो-तिहाई बहुमत से किया जाता है. रोटेशन प्रणाली में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रखा जाता है, जिससे अफ्रीका, एशिया, यूरोप, और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों को बराबरी का मौका मिलता है. यह प्रक्रिया संतुलन और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अहम है.
UNSC की अध्यक्षता पाकिस्तान के पास होने से भारत को कोई नुकसान नहीं है. लेकिन यूएनएससी अध्यक्ष बनने पर पाकिस्तान के पास कुछ शक्तियां जरूर आ जाएंगी. जिससे जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद जैसे मौके पर वह विरोध दर्ज कर सकता है.
– भारत एक्सप्रेस
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