AI की सहायता से बनाई गई फोटो
Madhya Pradesh News: कहते हैं न डर के आगे जीत है. अगर आपने हिम्मत कर ली तो आप किसी भी मुसीबत से निकल सकते हैं. शिवपुरी से कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां 65 साल की बुजुर्ग महिला सुरजिया ने अपनी जान कुछ ऐसे बचाई जो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. महिला जंगल गई हुई थी. जंगली सियार ने उन्हें अकेला पाकर हमला किया, तो उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और शेरनी की तरह उसका सामना किया. करीब आधे घंटे तक चली इस लड़ाई में सियार उन्हें काट-काटकर घायल किया लेकिन उन्होंने बहादुरी से अपनी जान बचा ली.
बहादुरी का उदाहरण
मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी (Shivpuri Madhya Pradesh) जिले का है. 65 वर्षीय महिला सुरजिया बाई ने अपनी बहादुरी का उदाहरण पेश किया है. वह अपने काम से जंगल गई थी. एक जंगली सियार ने उन पर हमला किया, तो उन्होंने हार नहीं मानी और लगभग 30 मिनट तक सियार से संघर्ष किया. इस दौरान सियार ने उनके हाथों और पैरों पर कई बार काटा, लेकिन उन्होंने सियार के जबड़े पकड़े और अपनी साड़ी से उसके गले में फंदा डालकर उसे घोंट दिया. बहादुर महिला ने अपनी हिम्मत से एक जंगली जानवर को भी मात दे दी.
18 जगह काटने के निशान
सुरजिया बाई को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनके शरीर में 18 जगह पर सियार ने काट रखा था. वन विभाग ने घोषणा की है कि वह सुरजिया बाई के इलाज का पूरा खर्च उठाएगा. सुरजिया बाई ने अपनी बहादुरी और सूझबूझ से सियार को मौत के घाट उतार दिया और अपनी जान बचाई. इस घटना ने पूरे इलाके में उनकी बहादुरी की चर्चा फैला दी है.
ये भी पढ़ें: राजशाही’ से ‘लड़खड़ाते लोकतंत्र’ तक: 200 साल में बार-बार नेपाल ने क्यों देखी क्रांति? EXPLAINER
6 महीने पगले भी देवर की मौत
खून बहने और थकान से सुरजिया बेहोश हो गईं थी. उनके परिवार को शोर सुनाई दिया तो वे दौड़े आए. उन्होंने सुरजिया को खून से लथपथ और बेहोश पाया. तुरंत उन्हें बदरवास स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर चोटों के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन दे दिया गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि 6 महीने पहले महिला के देवर को सियार ने काटा था. उनकी रेबीज के कारण मौत हो गई थी.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


