दुनिया

12 साल…100 विदेश दौरे: वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत की कहानी

PM Modi foreign visits: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान विदेश नीति को भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बनाया. वर्ष 2014 से 2026 तक उन्होंने लगभग 100 विदेश दौरे किए और दुनिया के दर्जनों देशों का दौरा कर भारत के कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. इन यात्राओं का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना नहीं था, बल्कि भारत को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करना भी रहा.

विदेश दौरों का विवरण

2026 – 4  विदेश दौरे और  7 देशों की यात्रा
2025 – 11 विदेश दौरे और 23 देशों की यात्रा
2024 – 10 विदेश दौरे और 17 देशों की यात्रा
2023 – 6 विदेश दौरे और 10 देशों की यात्रा
2022 – 7 विदेश दौरे और 10 देशों की यात्रा
2021 – 3 विदेश दौरे और 4 देशों की यात्रा
2019 – 10 विदेश दौरे और 14 देशों की यात्रा
2018 – 14 विदेश दौरे और 20 देशों की यात्रा
2017 – 7 विदेश दौरे और 13 देशों की यात्रा
2016 – 10 विदेश दौरे और 17 देशों की यात्रा
2015 – 11 विदेश दौरे और 20 देशों की यात्रा
2014 – 7 विदेश दौरे और 9 देशों की यात्रा

पहले कार्यकाल में विदेश यात्राओं पर विशेष जोर देखने को मिला…

प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में विदेश यात्राओं पर विशेष जोर देखने को मिला. वर्ष 2015 में उन्होंने 11 विदेश दौरे कर 20 देशों का दौरा किया, जबकि 2018 में सर्वाधिक 14 विदेश यात्राओं के दौरान 20 देशों का दौरा किया गया. इस दौरान अमेरिका, जापान, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों बढ़े. वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक यात्रा गतिविधियां सीमित रहीं, जिसके चलते केवल 3 विदेश दौरे और 4 देशों की यात्राएं हुईं. हालांकि महामारी के बाद भारत ने फिर तेजी से वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता बढ़ाई. 2022 और 2023 में जी-20, ब्रिक्स, क्वाड और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका देखने को मिली.

यह भी पढ़ें: 12 साल के कार्यकाल पर अमित शाह का बड़ा बयान, कहा- नया भारत दुनिया में बना ताकतवर पहचान

भारत विश्व राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था में पहले से अधिक प्रभावशाली भूमिका में

वर्ष 2024 और 2025 में विदेश यात्राओं की संख्या फिर बढ़ी. खासकर 2025 में 11 विदेश दौरों के दौरान 23 देशों की यात्रा ने भारत की बढ़ती वैश्विक पहुंच को दर्शाया. 2026 में भी प्रधानमंत्री की विदेश नीति सक्रिय बनी हुई है. इन 12 वर्षों में हुई विदेश यात्राओं ने निवेश, व्यापार, रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत किया. यही वजह है कि आज भारत विश्व राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था में पहले से अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाता दिखाई दे रहा है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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