रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमले के बाद ट्रंप का बयान
Donald Trump on Saudi Arabia airport strike: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Riyadh Airport Attack) पर हुए हमले के बाद अमेरिका की प्रतिक्रिया सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘भयानक घटना’ बताया है. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हमले पर दुख जताया और पुष्टि की कि इसमें एक अमेरिकी नागरिक की जान चली गई. इस घटनाक्रम के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका भी हूती ठिकानों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में शामिल हो सकता है?
दरअसल, ट्रंप ने हमले से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि उनका प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि हूतियों के ठिकानों पर सऊदी अरब की कार्रवाई में अमेरिका को हिस्सा लेना चाहिए या नहीं. हालांकि, उन्होंने अभी तक अमेरिकी सैन्य भागीदारी को लेकर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा की. उन्होंने कहा कि अमेरिका रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले समेत हूतियों के हालिया हमलों की कड़ी निंदा करता है.
रुबियो के मुताबिक, इन हमलों में कई निर्दोष लोगों की जान गई है, जिनमें एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं आम लोगों की सुरक्षा और उनकी जिंदगी के प्रति गंभीर लापरवाही को दिखाती हैं. रुबियो ने हमले रोकने की मांग करते हुए कहा कि अमेरिका इस मुश्किल समय में सऊदी अरब और वहां के लोगों के साथ खड़ा है. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई. अमेरिकी विदेश मंत्री के इस बयान को सऊदी अरब के साथ वाशिंगटन की एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
सऊदी अरब पर हमले के बीच ट्रंप ने ईरान को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने ईरान को ‘पागल देश’ बताते हुए कहा कि वह लगातार उसे उसके व्यवहार को लेकर आगाह करते रहे हैं. ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह ईरान को बार-बार समझाते हैं कि उसका रवैया ठीक नहीं है. हालांकि, इस बयान के साथ उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर किसी नई योजना का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया.
ईरान का नाम इस पूरे घटनाक्रम में इसलिए भी अहम है, क्योंकि हूती विद्रोहियों और ईरान के बीच लंबे समय से संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है. लेकिन रियाद एयरपोर्ट पर हुए ताजा हमले की जिम्मेदारी हूतियों ने अब तक आधिकारिक तौर पर नहीं ली है. ऐसे में हमले के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है.
रियाद में हुई इस घटना पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की.
गुटेरेस की प्रतिक्रिया से साफ है कि इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है. किसी भी नागरिक ठिकाने पर हमला होने से आम लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता पर भी सवाल खड़े होते हैं.
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की ओर से रविवार को जारी बयान के मुताबिक, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि घायलों का इलाज किया जा रहा है और हमले से संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन भी जारी है.
इस घटना के बाद एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने और एक अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि के बाद यह मामला केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अमेरिका की संभावित प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजरें टिक गई हैं.
हूतियों की ओर से सऊदी अरब पर हमले किए जाने की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं. इस सप्ताह हुए दो हमलों की जिम्मेदारी भी हूतियों ने ली थी. हालांकि, रियाद एयरपोर्ट पर हुए ताजा हमले को लेकर उन्होंने अभी तक कोई आधिकारिक दावा नहीं किया है.
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ऐसे में फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अमेरिका सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल होगा. ट्रंप ने इस संभावना पर विचार किए जाने की बात जरूर कही है, लेकिन अंतिम निर्णय का ऐलान नहीं किया गया है.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि वाशिंगटन आगे क्या कदम उठाता है और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अमेरिका किस तरह की भूमिका निभाता है. अगर अमेरिकी प्रशासन सैन्य भागीदारी का फैसला करता है, तो इसका असर क्षेत्र में पहले से जारी तनाव पर पड़ सकता है. फिलहाल, रियाद हमले की जांच, घायलों का इलाज और अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम इस पूरे घटनाक्रम के अहम पहलू बने हुए हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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