Saudi Arabia Riyadh Airport Attack: पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग अब एक बेहद खतरनाक और खौफनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है. यमन के हूती विद्रोहियों ने गल्फ देशों की नाक में दम करते हुए सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अति-सुरक्षित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भीषण और डेडली हमला बोल दिया है. इस तबाही में एक अमेरिकी नागरिक समेत कुल 12 बेकसूर लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 309 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
वहीं हैरानी की बात यह है कि सऊदी की रक्षा का ढिंढोरा पीटने वाले पाकिस्तान और तुर्कीये ने हाल ही में ‘मक्का पैक्ट’ (Mecca Pact) के तहत सुरक्षा का जो बड़ा वादा किया था, वह हूतियों के एक वार से हवा हो गया और दोनों देश हाथ पर हाथ धरे देखते रह गए.
‘मक्का पैक्ट’ का निकला जनाजा?(Riyadh Airport Attack)
कुछ ही दिन पहले रियाद में हुई आपात बैठक के बाद सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्कीये के बीच ‘मक्का एलायंस फॉर डिफेंस’ पर हस्ताक्षर हुए थे. इस समझौते के तहत यह डींग हाकी गई थी कि तीनों देशों में से किसी एक पर भी हमला, तीनों पर हमला माना जाएगा और हूतियों को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा.
लेकिन 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए इस महा-विनाशक हमले ने साबित कर दिया कि पाकिस्तान और तुर्कीये की फौज सिर्फ कागजी शेर हैं. हूतियों के ड्रोन और मिसाइलों के आगे पाकी और तुर्कीये के तमाम सुरक्षा दावे पूरी तरह फुसफुसा पटाखा साबित हुए.
अमेरिकी समेत 7 देशों के नागरिकों की दर्दनाक मौत
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस कायराना हमले में दुनिया भर के कई देशों के नागरिक चपेट में आए हैं:
कुल मौतें: 12 लोगों की जान गई है.
विदेशी नागरिक: मरने वालों में सऊदी अरब के 4, बांग्लादेश के 2 और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन व सूडान के 1-1 नागरिक शामिल हैं.
घायलों का आंकड़ा: एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में 309 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है. अस्पतालों में भारी अफरातफरी का माहौल है.
‘चींटी’ ने गल्फ के ‘हाथी’ को कैसे किया चित?
जानकारों का कहना है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने जिस तरह सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर वार किया है, उसने गल्फ देशों की नींद उड़ा दी है. इससे पहले हूतियों ने सऊदी की 1200 किलोमीटर लंबी ‘ईस्ट-वेस्ट क्रूड ऑयल पाइपलाइन’ को निशाना बनाकर पूरी दुनिया में तेल सप्लाई ठप कर दी थी. अब व्यस्ततम सिविलियन एयरपोर्ट पर हमला करके हूतियों ने यह साफ कर दिया है कि वे सऊदी की सुरक्षा को किसी भी वक्त भेद सकते हैं.
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क्या अब सिर्फ खोखले बयान देंगे मुस्लिम देश?
इस भीषण हमले (Saudi Arabia Riyadh Airport Attack) के बाद पाकिस्तानी हुक्मरानों और तुर्कीये के राष्ट्रपति एर्दोगन के खेमे में सन्नाटा पसरा हुआ है. जिस पाकिस्तान की सेना अपनी ‘अजेय ताकत’ का दावा करते हुए गल्फ में धौंस जमाने निकलती है, वह आज सऊदी धरती पर हुए अमेरिकी नागरिक के कत्ल और विदेशी नागरिकों की मौतों पर एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है. मक्का पैक्ट के तहत जो देश सऊदी की ढाल बनने चले थे, वे खुद अपनी लाचारी पर शर्मिंदा हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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