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Russia China US Talks: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ आया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और चीन के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहमत नजर आ रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि इस संभावित वार्ता से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को बाहर रखा जा सकता है.
पुतिन ने अमेरिका और चीन के साथ त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव रखा है, जो चीन में होने वाले APEC सम्मेलन के दौरान हो सकती है. ट्रंप इस बैठक के लिए तैयार हैं, लेकिन जेलेंस्की को इसमें शामिल न किए जाने से यूक्रेन ने कड़ी आपत्ति जताई है. फिलहाल अमेरिका और क्रेमलिन दोनों ने ही इस वार्ता पर अंतिम निर्णय न होने की बात कही है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है. खबरों के मुताबिक, यह बैठक अगले महीने चीन के शेनझेन शहर में होने वाले एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस वार्ता के लिए राजी दिखाई दे रहे हैं.
इस संभावित हाई-लेवल बैठक का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को शामिल करने की कोई योजना नहीं है. यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है. उनका कहना है कि यूक्रेन को वार्ता से बाहर रखने से रूस का मनोबल बढ़ेगा. यूक्रेन का तर्क है कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय या त्रिपक्षीय वार्ता ज्यादा प्रासंगिक और असरदार होगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि तीनों देशों के नेताओं की बैठक को लेकर बातचीत जरूर हुई है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. वहीं क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने भी कहा कि यह विचार फिलहाल शुरुआती स्तर पर है और इसका कोई निश्चित एजेंडा तय नहीं हुआ है. डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि वे युद्ध समाप्त करने के लिए किसी भी मंच पर चर्चा के लिए तैयार हैं.
APEC सम्मेलन का मेजबान होने के नाते चीन के सामने भी कूटनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है. चीन नहीं चाहता कि इस तरह की किसी अलग राजनीतिक बैठक से मूल APEC सम्मेलन का ध्यान भटके. इसके अलावा, जेलेंस्की के बिना ऐसी बैठक करने से चीन के यूरोपीय देशों के साथ संबंधों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि यूरोपीय देश लगातार यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं.
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उन्हें बिना बताए स्टारलिंक इंटरनेट सेवा पर पाबंदियां लगाई गईं, जो यूक्रेनी सेना के लिए बेहद अहम है. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है. दूसरी तरफ, ट्रंप ने जेलेंस्की पर युद्ध खत्म करने में अरुचि दिखाने का आरोप लगाया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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