दुनिया

तेहरान की हवाओं में घुला जहर! क्या भारत में भी हो सकती है तेजाबी बारिश? जानिए कितनी घातक है ये

Acid Rain Tehran: 7 मार्च 2026 की रात इजरायल ने ईरान के तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में मौजूद सबसे बड़े तेल डिपो और फ्यूल टैंक पर हवाई हमले किये. जिससे वहां बड़े पैमाने पर आग लग गई. यह पहली बार था जब ईरान के तेल उत्पादन क्षमता को सीधे निशाने बनाया गया.

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में 26 करोड़ लीटर से ज्यादा तेल जल गया. इस आग से निकले काले धुएं ने पूरे इलाके को ढंक लिया है. हाल ही में तेहरान में हुई बारिश ने पर्यावरण से संबंधित नई परेशानियां पैदा कर दी हैं. इस बारिश को तेजाबी बारिश बताया जा रहा है और लोगों को इससे बचने की चेतावनी दी गई है.

ईरान की राजधानी तेहरान के ऊपर छाये काले बादलों का रुख अब उत्तर पूर्व और मध्य एशिया के बाकी हिस्सों की तरफ है. जिसके बाद से ये सवाल उठ रहा है कि क्या तेहरान के जहरीले बादल भारत भी आ सकते हैं?

क्यों इसे कही जा रही तेजाबी बारिश?

भारी मात्रा में तेल जलने से तेहरान के ऊपर छाए काले बादल कोई प्राकृतिक नहीं हैं, ये पूरी तरह केमिकल और हाइड्रोकॉर्बन के धुएं हैं. काले बादलों में राख, उद्योगों का प्रदूषण और मिसाइल प्रदूषण मौजूद हैं. जब इन बादलों की बारिश जमीन को छूती है तो मिट्टी में मौजूद प्राकृतिक पोषण नष्ट हो जाते हैं. इस बारिश से मिट्टी को भारी नुकसान पहुंचेगा.

तेहरान में तेल रिफाइनरी के जलने से इस समय आसमान में हाइड्रोकॉर्बन, सल्फर डाय ऑक्साइड और नॉइट्रोजन ऑक्साइड के कण तैर रहे हैं. ये केमिकल भाप से मिलते हैं तो कई प्रकार के रिएक्शन होते हैं. जिससे जहरीली गैसें और अवयव बनते हैं. जब ये अवयव बारिश की बूंदों के साथ जमीन पर गिरते हैं तो भारी नुकसान पहुंचाते हैं.

तेहरान में हुई बारिश से कार पर जमी काली धूल

क्या भारत आ सकते हैं काले धुएं?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक फिलहाल इन हवाओं के भारत पहुंचने कोई संभावना नहीं है. इसका कारण भारत का मौसम है. भारत में इस समय हवाएं दक्षिण-पश्चिमी हैं. प्री मॉनसून सीजन में हवाएं इसी दिशा में बहती हैं. इसलिए तेहरान से उठे ये काले धुएं भारत नहीं आ सकते.

दक्षिण-पश्चिम की दिशा में चल रही ये हवाएं तेहरान से पूर्व की तरफ बढ़ रहे इस धुएं को कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और पश्चिमी रूस की तरफ धकेलेंगी. हालांकि अगर इन हवाओं के रुख में बदलाव होता है तो इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है. यहां तक की तेजाबी बारिश होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

तेजाबी बारिश शरीर को छू जाए तो क्या होगा?

इस बारिश की बूंद अगर शरीर को छू जाए तो वहां फफोले और चर्म रोग भी हो सकते हैं. आंखें लाल हो सकती है यहां तक की देखने की रोशनी भी कम हो सकती है. इसका कारण बारिश के पानी में मौजूद केमिकल्स हैं.

ये केमिकल्स कई प्रकार के इनफेक्शन की वजह बन सकते हैं. इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, फेफड़ों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.

तेजाबी बारिश में सल्फर डाय ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाय ऑक्साइड और कई अन्य प्रदूषक होते हैं. जो सीधे फेफड़े को प्रभावित करते हैं. इनकी वजह से कफ, अस्थमा और गले में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. यहां तक की सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या भी हो सकती है.

लंबा युद्ध चला तो भारत को भी होगा नुकसान

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष अब अपने सबसे विध्वंसक रूप में पहुंच गया है. अब लड़ाई सिर्फ एक दूसरे के हथियार गोदामों और टेक्टिकल साइट्स तक नहीं रह गई हैं. अब दोनों तरफ से एक-दूसरे के तेल और अन्य सेंटरों को निशाना बनाया जा रहा है.

ये भी पढ़ें- ईरान-अमेरिका संघर्ष में ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक! जानिए कौन हैं कुर्द, जिन पर दांव लगा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?

अभी तेहरान से निकले ये काले धुएं भले ही भारत न पहुंचें, लेकिन अगर युद्ध लंबा चला और इसी तरह के हालात रहे, तो इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है. अभी इन काले बादलों पर वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं. इनपर सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

लड़कों संग क्रिकेट से लॉर्ड्स में धमाल: जानिए छोटे से आदिवासी गांव की लड़की क्रांति गौड़ की प्रेरक कहानी

Cricket News: छतरपुर के छोटे से आदिवासी गांव से निकली क्रांति गौड़ ने संघर्ष को…

5 minutes ago

गणेशोत्सव को विश्व धरोहर बनाने की बड़ी तैयारी: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लॉन्च किया ‘bappa.org’

महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने के लिए…

19 minutes ago

हर घर में गूंजती है जिनकी आरती: जानिए कौन थे ‘ओम जय जगदीश हरे’ के अमर रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी

Hindi Literature: विश्व प्रसिद्ध आरती 'ओम जय जगदीश हरे' के रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी न…

30 minutes ago

सुप्रीम कोर्ट ने मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल पुलिस की तत्काल सुनवाई ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत को चुनौती देने…

43 minutes ago