दुनिया

रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत, व्हाइट हाउस ने की पुष्टि

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत शुरू हो गई है. व्हाइट हाउस ने इस बातचीत की पुष्टि की है. अमेरिकी प्रशासन का उद्देश्य फिलहाल रूस को 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए राजी करना है. यह वार्ता उस समय हो रही है जब पिछले सप्ताह सऊदी अरब में हुई एक बैठक के दौरान यूक्रेन के अधिकारियों ने अमेरिका के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी.

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस बातचीत से पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. उनका मानना है कि पुतिन शांति के लिए तैयार नहीं होंगे, क्योंकि रूसी सेना लगातार यूक्रेन पर हमले कर रही है. पुतिन के साथ फोन पर बातचीत से पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वे पुतिन के साथ युद्ध के दौरान कब्जे में लिए गए भूमि और बिजली संयंत्रों पर चर्चा करेंगे.

यूक्रेन का शांति की ओर रुझान

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने मंगलवार को कहा था कि यूक्रेन रूस के साथ विवाद का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है, लेकिन वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और रूस के बीच बातचीत सफल रहती है, तो युद्धविराम के प्रस्ताव पर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकती है. सिबिहा का कहना था कि वैश्विक स्तर पर दीर्घकालिक और टिकाऊ शांति स्थापित करना एक महत्वपूर्ण उद्देश्य होगा.

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि उनका देश रूस द्वारा कब्जाए गए किसी भी क्षेत्र को मान्यता नहीं देगा. सिबिहा का मानना है कि रूस ने यूक्रेन पर हमला करके कोई रणनीतिक उद्देश्य हासिल नहीं किया है. उनका कहना था कि रूस का युद्ध कोई निर्णायक परिणाम नहीं ला पाया है और यूक्रेन अपने क्षेत्रीय अधिकारों और सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा.

युद्धविराम के पक्ष में यूक्रेन

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि यूक्रेन शांति पहल का विरोधी नहीं है, और अमेरिका के 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. हालांकि, यूक्रेन ने अपनी क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, और किसी भी समझौते में इनका उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा.

अमेरिका और रूस के बीच यह वार्ता रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है. हालांकि, यूक्रेन की अपनी क्षेत्रीय अखंडता को लेकर चिंता बनी हुई है, लेकिन युद्धविराम की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.


ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को सामरिक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल न करने के लिए मनाया: पोलैंड के मंत्री


-भारत एक्सप्रेस

Aarika Singh

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