Donald Trump
इन दिनों अमेरिको को एक गंभीर समस्या से झुझना पड़ रहा है. अमेरिका पर एक बार फिर वही खतरा मंडरा रहा है जो सात साल पहले भी मंडरा चुका है. ये कोई और खतरा नहीं बल्कि अमेरिका के सरकार का फिरसे गिरने का खतरा है, यानि गवर्नमेंट शटडाउन. यह हालात संसद से सरकार के खर्च को चलाने के लिए जरुरी फंडिंग न मिलने के कारण हो रही है.
दरअसल अमेरिकी सरकार ने संसद में सरकारी खर्च को लेकर एक बिल जारी किया लेकिन बिल को पास कराने के लिए वोटों की कमी हो गई. इसके लिए सरकार को 60 वोटों की जरूरत थी लेकिन केवल 55 वोट मिलने के कारण बिल पास नहीं हो पाया. अब अगर सरकार ने जल्द से जल्द इसका कोई हल नहीं निकाला तो कई सरकारी कार्यालयों के काम ठप हो जाएंगे.
इस परिस्थिति का मुख्य कारण है अमेरिका के रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी के बीच चल रही टकराव. ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कहना है की सरकार का काम बिना किसी शर्त के चलना चाहिए, साथ ही स्वास्थ्य योजनाओं को फंडिंग बिल से अलग रखना चाहिए.
वहीं दूसरी ओर डेमोक्रेट पार्टी का कहना है की जब तक स्वास्थ्य बीमा ‘ओबामाकेयर’ पर मिलने वाले फायदे को नहीं बढ़ाया जाएगा तब तक हम बिल को मंजूरी नहीं देंगे. जिसपर उन्होंने तर्क दिया कि अगर यह सुविधा खत्म हुई तो करोड़ों लोगों का इलाज और दवाइयां महंगी हो जाएंगी और गरीब परिवारों के लिए मुश्किलें पैदा हो जाएंगी.
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इस टकरार के कारण दोनों पार्टियों के बीच बयानबाजी चल रही है. जहां एक तरफ डेमोक्रेट नेता चक शूमर का कहना की रिपब्लिकन पार्टी एकतरफा बिल पास करना चाहती है. वहीं रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून का आरोप है की डेमोक्रेट पार्टी दबाव बनाकर देश को शटडाउन की तरफ ले जा रहा है. साथ ही उनका कहना है कि ये बिल पूर्ण रुप से गैर-राजनीतिक और निष्पक्ष है लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए इसे गिरा दिया गया.
ऐसे में अगर देश में शटडाउन होता है तो कई सरकारी कार्यालयों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा जिसके कारण कर्मचारियों के छुट्टी पर भेज उनकी सैलरी को रोका जा सकता है. स्कॉलरशिप रुक जाएंगी, आदलतों में केवल बेहद जरूरी मामलों की सुनवाई होगी. इस शटडाउन का सबसे ज्यादा असर आम नागरिक पर पड़ेगा, उन्हे आर्थिक तंगी झेलनी पड़ेगी, शिक्षा विभाग से आर्थिक मदद नहीं मिल पाएगी.
अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा. दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है और कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. डेमोक्रेट्स का कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य योजनाओं पर बातचीत करनी चाहिए जबकि रिपब्लिकन का कहना है कि उन्हें पहले सरकार को काम करने देना चाहिए और फिर नीतियों पर चर्चा करनी चाहिए. अगर यह टकराव जारी रहा तो आधी रात के बाद ही अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप हो जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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