अजब-गजब

Annabelle Doll: The Conjuring की डॉल ने फिर किया ‘शिकार’! पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर डैन रिवेरा की रहस्यमयी मौत से खौफ में लोग

Annabelle Doll: एक होटल का कमरा, बंद दरवाजा और अंदर पड़ी दुनिया के सबसे बेस्ट पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर डैन रिवेरा की लाश. इस मौत का शक जाता है दुनिया की सबसे डरावनी गुड़िया (Doll) एनाबेल पर. जी हां Annabelle लौट आई है. ये कोई फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं बल्कि हकीकत है.

डैन रिवेरा की मौत के बाद अमेरिका में एक बार फिर Annabelle Doll चर्चा में आ गई है. यह वहीं गुड़िया है जिसपर बनी हॉलीवुड फिल्म The Conjuring ने पूरी दुनिया को इसके खौफ से रूबरू कराया था.

Annabelle Doll का क्या है मामला ?

दरअसल अमेरिका में ‘Devils on the Run’नाम से एक पैरानॉर्मल टूर आयोजित हो रहा है. जिसमें एनाबेला को जगह-जगह पर प्रदर्शित किया जाना है. जब यह टूर पेन्सिलवेनिया के गेटिसबर्ग पहुंचा. तो वहां इस डॉल के हैंडलर डैन रिवेरा की रहस्यमयी मौत हो गई. वो अपने होटल के कमरे में मृत पाये गए. उनकी मौत कैसे हुई यह अबतक साफ नहीं हो पाया है.

डैन रिवेरा न्यू इंग्लैंड सोसाइटी फॉर साइकिक रिसर्च (NESPR) के प्रमुख रिसर्चर थे. इसके अलावा रिवोरा दुनिया के बेस्ट घोस्ट हंटरों में से एक थे. वो एनाबेल को हमेशा अपने साथ रखने के लिए जाने जाते थे.

न्यू ऑरलियन्स में बरपा Annabelle Doll का कहर!

अपने विशिष्ट संगीत और क्रियोल व्यंजनों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध न्यू ऑरलियन्स के निवासी उस समय सहम गए जब अचानक से शहर में भयानक आग लग गई. इस आग में मौजूद ऐतिहासिक Nottoway Plantation जलकर खाक हो गया. इतना ही नहीं उसी समय न्यू ऑरलियन्स में जेल ब्रेक कांड भी हो गया. जिसमें 10 कैदी जेल से फरार हो गए. शहर में अचानक से एक के बाद एक ऐसी बुरी घटनाएं घटने लगी जैसे न्यू ऑरलियन्स में किसी बुरी चीज का साया फैल गया हो. ये सब तब हो रहा था जब न्यू ऑरलियन्स में एनाबेल का टूर हुआ.

सेफ केस में रखी एनाबेल डॉल (फाइल फोटो)

Annabelle को लेकर गर्म है अफवाहों का बाजार

इन सब घटनाओं के बाद लोगों में एनाबेल का डर ऐसा समा गया है कि लोग अब घर से बाहर आने में कतरा रहे हैं. इसी बीच अफवाहें तेज हो गईं कि कहीं टूर के दौरान एनाबेल गायब तो नहीं हो गई थी? क्या शहर में इतनी तबाही उसी के चलते हुई? लोग इसी तरह के प्रश्न सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं. हालांकि वॉरेन ओकल्ट म्यूजियम (एनाबेल का परमानेंट प्लेस) के मालिक टोनी स्पेरा ने इसपर बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि, टूर के दौरान एनाबेल एक सेकेंड के लिए भी उनलोगों की नजरों से गायब नहीं हुई. उसे उसके केस में बंद करके रखा गया है.

वहीं इस संबंध में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर रयान ब्यूल ने भी वीडियो जारी कर अफवाहों को खत्म करने की सलाह दी. उन्होंने एक वीडियो जारी किया है. जिसमें एनाबेल को म्यूजियम में दिखाया गया है. जहां उसे एक केस में बंद करके सुरक्षित रखा गया है.

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कैसे शुरू हुई Annabelle Doll की कहानी?

साल 1970 का वक्त था. एक नर्सिंग स्टूडेंट को यह डॉल कहीं से गिफ्ट में मिली थी. शुरू-शुरू में यह डॉल मामूली थी, लेकिन थोड़े ही दिनों में यह अजीब व्यवहार करने लगी. इस बारे में पैरानॉर्मल एक्सपर्ट एड और लोरेन वॉरेन बताते हैं कि यह डॉल एक मृत लड़की की आत्मा से पजेस्ड है. जिसका नाम एनाबेल है. जिस नर्सिंग छात्रा को ये डॉल मिली थी. उसके मुताबिक इस डॉल की वजह से उसकी जिंदगी नर्क बन गई थी.

एड और लोरेन वॉरेन (फाइल फोटो)

आखिर डॉल ने ऐसा क्या किया?

नर्सिंग छात्रा और उसकी फ्रैंड एक घर में रहती थीं. जहां उन्हें यह डॉल गिफ्ट में मिली थी. कुछ समय के बाद डॉल ने अपने कारनामें दिखाने शुरू कर दिये. नर्सिंग छात्रा और उसकी फ्रैंड के अनुसार यह डॉल खुद-ब-खुद अपना जगह बदल लेती थी. दोनों दोस्त डॉल को आलमारी में बंद कर एक साथ काम पर चली जाती थीं. लेकिन जब वो वापस आती थीं तो डॉल या तो कुर्सी पर बैठी रहती थी या बेड पर. इसके अलावा बताया जाता है कि डॉल के पास छोटे-छोटे पेपर मिलते थे. जिसपर ‘हेल्प मी’ और ‘एनाबेल’ जैसे शब्द लिखे मिलते थे.

Annabelle Doll के साथ द कॉन्ज्यूरिंग फिल्म में एड का किरदार निभाने वाले अभिनेता पैट्रिक विल्सन

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देती थी शरीर पर गहरे घाव

नर्सिंग छात्राओं के अनुसार जब यह डॉल उनके पास होती थी, तो उन्हें अजीब तरह के अनुभवों का सामना करना पड़ता था. जैसे उन दोनों के शरीर पर गहरे घाव या नाखूनों के निशान मिलते थे. उन दोनों को ऐसा लगता था कि घर में उन दोनों के अलावा कोई और भी रहता है. कभी कभी घर के किसी कोने से डरावनी आवाजें आती थीं. तो कभी बंद कमरे में बहुत तेज हवा का ठंडा झोंका आ जाता था.

Annabelle Doll की असली तस्वीर (80 के दशक की फोटो)

घर में अकेले छोड़ने पर हो जाती थी गुस्सा

इसके अलावा छात्राओं ने ये भी दावा किया था कि, एक बार एनाबेल ने उनपर हमला भी किया था. नर्स और उसकी फ्रैंड जब डॉल को घर में छोड़कर जाती थीं, तो डॉल गुस्से से भर जाती थी. जैसे ही वो लोग कमरे से बाहर जाती थीं तो डॉल कोई ना कोई सामान गिरा देती थी. एक बार डॉल ने उसकी दोस्त पर हमला कर उसे घायल कर दिया था. जिसके बाद उन दोनों को लग गया कि इस डॉल के अंदर कोई शैतानी आत्मा है. उन्होंने डॉल को कहीं छोड़ आए. जब वो घर पहुंचे उसके कुछ देर बाद फिर उनके दरवाजे पर नॉक होता है. जब वो लोग दरवाजा खोलती हैं तो देखती हैं कि वो डॉल दरवाजे पर रखी है. उसके हाथ में एक पर्ची था. जिसपर लिखा था ‘मिस मी?’

जब नर्सिंग छात्राओं को मिला ‘मिस मी?’ की पर्ची

जब डॉल की हरकतें दिन पर दिन भयावह होती गईं तो दोनों छात्राओं ने एड और लॉरेन वॉरेन से संपर्क किया. दोनों उस समय के मशहूर पैरानॉर्मल शोधकर्ता थे. ए़ड और लॉरेन वॉरेन ने जांच कर इस डॉल को दुष्ट आत्मा से बजेस्ड माना और उसे अपने घर में मौजूद ओकुल्ट म्यूजियम में एक शीशे के बॉक्स में सुरक्षित रख दिया. इसी डॉल को आजकल पूरे अमेरिका में प्रदर्शित किया जा रहा है.

क्या है असलियत?

ऐनाबेल क्या सच में दुष्ट आत्मा से पजेस्ड है या ये सिर्फ वॉरेन दंपति की कहानी थी. इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. कई लोग मानते हैं कि ये घटनाएं सच हैं. लेकिन कई लोगों ने इसे सिर्फ एक प्रचार माना है.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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