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Russia Earthquake: रविवार की रात रूस की धरती भूकंप के झटकों से कांप उठी. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि सुनामी तक का खतरा पैदा हो गया. हालांकि ऐसा हुआ नहीं. जानकारी के मुताबिक रूस में एक के बाद एक भूकंप के तीन झटके आए. जिसमें सबसे तेज झटके की तीव्रता 7.4 बताई जा रही है. इस भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क- कामचत्स्की शहर से 144 किलोमीटर पूर्व में 20 किलोमीटर की गहराई पर था.
इस संबंध में संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS)ने अपनी रिपोर्ट जारी की है. जिसमें बताया गया है कि रविवार को पेट्रोपावलोव्स्क- कामचत्स्की तट के पास तीन भूकंप के झटके महसूस किये गए. पहले झटके की तीव्रता 6.7 थी तो वहीं दूसरी की तीव्रता 5.0 थी. वहीं तीसरा झटका सबसे भयावह था. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 थी. तीनों भूकंप के झटके 32 मिनट के अंतराल पर आए.
प्रशांत महासागर के इलाके में स्थित है Russia Earthquake का केंद्र
USGS ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पेट्रोपावलोव्स्क- कामचत्स्की प्रशांत महासागर के इलाके में स्थित है. यहां प्रशांत और उत्तरी अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटें एक दूसरे से मिलती हैं. जिसकी वजह से यह इलाका भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील है.
Russia Earthquake के बाद सुनामी के खतरे का अलर्ट
पहले बताया गया था कि इलाके में भयंकर सुनामी का खतरा है, लेकिन भूकंप के बाद इस बात की आशंका को खारिज कर दिया गया. वहीं इस भूकंप में कितने लोग हताहत हुए हैं, अभी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है.
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क्यों आते हैं भूकंप?
धरती जितनी बाहर से शांत दिखती है उतनी होती नहीं है. धरती के अंदर भयंकर हलचल होती है. धरती की सतह कई टुकड़ों में बंटी होती है. इन्हीं टुकड़ों को टेक्टॉनिक प्लेट्स कहा जाता है. जब धरती के अंदर कुछ ऐसा होता है जिनसे इन प्लेट्स पर जोर पड़ने लगता है. तो ये टेक्टॉनिक प्लेट्स हिलने लगती हैं. जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या एक दूसरे से दूर जाती हैं तो धरती के अंदर बने प्रेशर का इफेक्ट सतह पर दिखता है. इसकी वजह से धरती हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहा जाता है. भूकंप का सबसे ज्यादा इफेक्ट उसके केंद्र के पास होता है. यानी वो स्थान जहां से भूकंप शुरू हुआ है. कई बार भूकंप इतना तेज होता है कि धरती तक फट जाती है. बड़े-बडे़ मकान, पुल गिर जाते हैं.
– भारत एक्सप्रेस
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