अजब-गजब

VIP ट्रीटमेंट के बाद करा दी नसबंदी! जगदलपुर मेयर का कुत्तों के साथ ऐसा सुलूक क्यों?

Jagdalpur Dog Sterilization Campaign: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक ऐसी शुरुआत हुई, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी. शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (ABC) का शुभारंभ किया.

लेकिन इस सरकारी कार्यक्रम की चर्चा नसबंदी से ज्यादा इसकी शुरुआत के ‘अनोखे अंदाज’ को लेकर हो रही है. महापौर संजय पांडेय ने अभियान की सफलता के लिए बाकायदा कुत्तों की पूजा-अर्चना की और उनकी आरती उतारी.

जब ‘डॉग्स’ की हुई पूजा(Jagdalpur Dog Sterilization Campaign)

डोंगरी सेंटर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मेयर संजय पांडेय ने आवारा कुत्तों के माथे पर तिलक लगाया, उन्हें माला पहनाई और आरती उतारी. इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से कुत्तों को दूध और विशेष आहार खिलाकर नसबंदी अभियान की विधिवत शुरुआत की. मेयर का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कुछ लोग इसे पशु प्रेम की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे नगर निगम का ‘हटके’ प्रचार स्टंट मान रहे हैं.

रेबीज के बढ़ते मामलों के बीच फैसला

शहर में आवारा कुत्तों के झुंड और उनके हमलों से आम जनता काफी परेशान थी. लगातार मिल रही शिकायतों और रेबीज के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने यह ठोस कदम उठाया है. मेयर ने पशु प्रेमी संस्थाओं और विशेषज्ञों के साथ बैठक कर इस अभियान का खाका तैयार किया. उनका कहना है कि नसबंदी से न केवल कुत्तों की संख्या कम होगी बल्कि उनके व्यवहार में भी सुधार आएगा और रेबीज जैसी घातक बीमारियों पर लगाम लगेगी.

हर महीने 500 नसबंदी का बड़ा लक्ष्य

नगर निगम ने इस अभियान को लेकर कमर कस ली है. शहर के हर वार्ड में यह मुहिम चलाई जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, हर महीने 500 आवारा कुत्तों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए पशु चिकित्सा विभाग की टीम को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. आने वाले कुछ वर्षों में इस प्रक्रिया के माध्यम से शहर में आवारा कुत्तों की आबादी को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने की योजना है.

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मेयर का क्या है संदेश?

महापौर संजय पांडेय के मुताबिक, इस पूजा-अर्चना का उद्देश्य जीव मात्र के प्रति दया और सम्मान प्रकट करना था. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल कुत्तों की संख्या घटाना नहीं है बल्कि शहर को सुरक्षित और बीमारियों से मुक्त बनाना है. लंबे समय से रात के वक्त लोगों को होने वाली परेशानी और काटने की घटनाओं पर अब इस अभियान से विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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