Bharat Express DD Free Dish

आसीम मुनीर Vs शहबाज शरीफ! ट्रॉफी ‘चोरी’ के बाद अब कुर्सी पर नजर, क्या बड़ा खेल खेल रहे मोहसिन नकवी?

Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान में शहबाज शरीफ, असीम मुनीर और मोहसिन नकवी के बीच बढ़ती सियासी खींचतान चर्चा का विषय बनी हुई है.

Power struggle intensifies in Pakistan!

पाकिस्तान में बढ़ा सत्ता संघर्ष!

Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान की राजनीति में इन दिनों प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के बीच मतभेदों की चर्चा जोर पकड़ रही है. भले ही असीम मुनीर खुद सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह रहे हों लेकिन माना जा रहा है कि उनके करीबी और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिन्हें सरकार पर निशाना माना जा रहा है.

हाल ही में मोहसिन नकवी ने एक कार्यक्रम में नेताओं की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग एक-एक महीने तक अपने दफ्तरों से गायब रहते हैं. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब शहबाज शरीफ अमेरिका और ब्रिटेन की कई सप्ताह लंबी विदेश यात्रा से लौटे हैं. राजनीतिक हलकों में इसे सीधे प्रधानमंत्री पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है.

नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा

पाकिस्तान में इन दिनों यह भी चर्चा है कि असीम मुनीर देश के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव चाहते हैं. राजनीतिक गलियारों में ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि वे नए प्रांतों के गठन के पक्षधर हैं. साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि वे भविष्य में राष्ट्रपति की भूमिका निभाने और मोहसिन नकवी को प्रधानमंत्री पद पर देखना चाहते हैं.

हालांकि इन चर्चाओं का प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से जुड़े खेमे विरोध कर रहे हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान की पारंपरिक राजनीति में प्रभाव रखने वाले शरीफ और जरदारी परिवार इस तरह के किसी भी बदलाव को अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए चुनौती मान रहे हैं.

जरदारी और शरीफ खेमे की बढ़ी चिंता

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान की सत्ता के विभिन्न केंद्रों के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि मोहसिन नकवी के बयानों का इस्तेमाल बड़े राजनीतिक नेताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है.

इससे पहले भी मोहसिन नकवी की लंदन यात्रा चर्चा में रही थी. उस समय भी पाकिस्तान की राजनीति में कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं. माना जा रहा है कि सत्ता संतुलन को लेकर पर्दे के पीछे काफी गतिविधियां चल रही हैं.

क्या मोहसिन नकवी बन गए ‘सुपर पीएम’?

पाकिस्तान में विपक्ष और कई राजनीतिक पर्यवेक्षक अब यह सवाल उठाने लगे हैं कि आखिर असली ताकत किसके हाथ में है. गृह मंत्री होने के बावजूद मोहसिन नकवी कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर बयान दे रहे हैं. वह सेना के प्रवक्ता के साथ मिलकर प्रांतों के पुनर्गठन की वकालत भी कर चुके हैं.

नकवी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब इमरान खान के समर्थक सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. ऐसे माहौल में उनके बढ़ते प्रभाव को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

ये भी पढ़ें-‘पीएम मोदी का नेतृत्व दुनिया के लिए मिसाल…’; अमेरिकी गवर्नर ने की जमकर तारीफ

कई विश्लेषकों का मानना है कि असीम मुनीर के कार्यकाल में सेना का प्रभाव पहले से अधिक मजबूत हुआ है. 30 जुलाई को मोहसिन नकवी ने कहा था कि पाकिस्तान का मौजूदा ढांचा देश की समस्याओं का समाधान करने में सफल नहीं रहा है और यह व्यवस्था अब कमजोर पड़ चुकी है.

कुछ पाकिस्तानी विशेषज्ञों का दावा है कि मोहसिन नकवी को जनता ने चुनकर नहीं भेजा, बल्कि उन्हें सेना के समर्थन से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. दिलचस्प बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में नकवी सरकार पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी कर रहे थे, उसी मंच से शहबाज शरीफ ने उनकी खुलकर सराहना भी की. इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read