इजरायल हमास युद्ध
Israel Hamas War: हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर अब तक सबसे नृशंस हमला बोला था, जिसमें 1400 इजरायली मारे गए और हजारों घायल हो गए. वहीं हमास के आतंकियों ने इजरायल के 200 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया, जिसमें महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है. इन बंधकों को रिहा कराना अभी भी इजरायल के लिए चुनौती बना हुआ है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन इजरायल के समर्थन में खुलकर आए और उन्होंने हमास के खिलाफ जंग में हर तरह से सहयोग करने का वादा दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति भले ही इजरायल के समर्थन में खड़े हो गए हों, लेकिन उनका ये कदम फिलिस्तीन और अरब देशों को रास नहीं आ रहा है. बाइडेन अपने इस फैसले के कारण उनके लिए विलेन बनते जा रहे हैं.
दूसरी तरफ, इजरायल-हमास जंग की आंच अब अमेरिका तक पहुंच गई है. इजरायल के गाजा पर हमले के बाद से अमेरिकी मुस्लिम बाइडेन प्रशासन से नाराज है. इस समुदाय का कहना है कि अगर गाजा में युद्धविराम नहीं हुआ तो वे लोग बाइडेन को दोबारा वोट नहीं देंगे.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले राष्ट्रपति चुनाव में बाइडेन को 59 फीसदी अमेरिकी अरब मुस्लिमों ने वोट किया था. लेकिन अब इजरायल-हमास युद्ध के बाद बाइडेन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हाल ही में एक सर्वे आया है जिसके नतीजों से बाइडेन सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
इस सर्वे के मुताबिक, केवल 17 फीसदी अमेरिकी अरब मुस्लिम ही 2024 में बाइडेन को वोट करेंगे. ऐसे में ये सर्वे बाइडेन प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. इस सर्वे रिपोर्ट की मानें तो पिछले राष्ट्रपति चुनाव के बाद तीन सालों में 42 फीसदी अमेरिकी अरब मुस्लिमों ने बाइडेन से मुंह फेर लिया है.
इसका दूसरा पहलू यह भी है कि यह इजरायल-हमास युद्ध से केवल बाइडेन की निजी छवि को ही नुकसान नहीं पहुंच रहा है, बल्कि उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी को भी झटका लगता दिख रहा है. सर्वे में केवल 23 फीसदी अमेरिकी अरब मुस्लिमों ने उनकी पार्टी का समर्थन किया है.
1996 के बाद से यह पहला मौका है जब बहुमत से अमेरिकी अरब मुस्लिमों ने डेमोक्रेटिक पार्टी से मुंह फेर लिया है. दिलचस्प बात ये है कि परंपरागत दलों या नेताओं के बजाय, 31 फीसदी अमेरिकी अरब मुस्लिमों ने निर्दलीय उम्मीदवारों को अपनी पहली पसंद बताया है.
बता दें कि अमेरिका में करीब 30 लाख अरब मुस्लिम रहते हैं. पेंशिल्वेनिया, मिशिगन और जॉर्जिया में अमेरिकी अरब मुस्लिमों की आबादी ज्यादा है. पिछले चुनावों की बात करें तो मिशिगन में बाइडेन में 1.55 लाख वोटों से अंतर से बड़ी जीत हासिल की थी. यहां करीब 2.77 लाख की आबादी अमेरिकी अरब मुस्लिमों की है.
एक तरफ, इजरायल गाजा पर लगातार हमले तेज कर रहा है और IDF के सैनिक जमीन पर भी हमास से लोहा ले रहे हैं. दूसरी तरफ, इस जंग में बड़ी संख्या में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं. इजरायल के हमलों के बाद गाजा से लाखों लोगों का पलायन हो चुका है. इन सबके बीच, अमेरिका में रहने वाले अरब मुस्लिम समुदाय में बाइडेन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है, जो आगामी चुनावों में उनकी मुश्किलों को बढ़ा सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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