वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फाइल फोटो)
Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में बजट पेश करेंगी, उससे पहले 31 जनवरी को राष्ट्रपति ने दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया था. ऐसे में आइये जानते हैं कि इस बार निर्मला सीतारमण बजट के पिटारे से जनता के लिए क्या-क्या राहत भरे ऐलान कर सकती हैं?
महंगाई को कम करने के लिए सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर सकती है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी हो सकती है. वर्तमान में पेट्रोल पर 19.90 रुपये और डीजल पर 15.80 रुपये की एक्साइज ड्यूटी लगती है.
PM किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 12,000 रुपये सालाना किया जा सकता है. इस योजना के तहत 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को तीन किश्तों में पैसा मिलता है, और अब इसे बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है.
इस बार बजट में रोजगार से जुड़े कई उपायों का ऐलान हो सकता है. सरकार एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति लागू कर सकती है, जिसमें रोजगार से जुड़े सभी मंत्रालयों की योजनाओं को एक मंच पर लाया जाएगा. इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रेजुएट्स के लिए इंटर्नशिप की योजना भी शुरू हो सकती है.
इस बार सरकार आयकर स्लैब में बदलाव कर सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए टैक्स सिस्टम में सालाना 10 लाख रुपये तक की आय को टैक्स से मुक्त किया जा सकता है. वहीं, 15 लाख से 20 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स की दर 30% से घटाकर 25% करने का प्रस्ताव हो सकता है. इसके अलावा, बेसिक एग्जम्प्शन लिमिट को 5 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे अधिक लोग नए टैक्स सिस्टम को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे.
स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट इस बार बढ़ाया जा सकता है. पिछले साल के मुकाबले लगभग 10% ज्यादा धनराशि का आवंटन हो सकता है. इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है और कुछ जरूरी मेडिकल उपकरणों पर इम्पोर्ट ड्यूटी में कमी की जा सकती है.
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घर खरीदने के लिए सीमा बढ़ाई जा सकती है. मेट्रो शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग की कीमत 45 लाख से बढ़ाकर 70 लाख रुपये की जा सकती है, जबकि अन्य शहरों में यह सीमा 50 लाख रुपये हो सकती है. इसके साथ ही, होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है.
मोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उत्पादों पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाई जा सकती है, जिससे इनकी कीमतें कम हो सकती हैं. इसके अलावा, सोने और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर व्यापार घाटा कम करने का प्रयास किया जा सकता है.
इन मुख्य ऐलानों के अलावा, सरकार कुछ अन्य रियायतें भी दे सकती है, जैसे आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाना, स्टार्टअप्स को मदद देना, और शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाने की संभावना है.
-भारत एक्सप्रेस
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