प्रतीकात्मक फोटो (Pixabay)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किए गए बजट 2025 में स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं. इस बजट में 20,000 करोड़ रुपये के न्यूक्लियर मिशन की घोषणा की गई, साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और पूंजीगत वस्तुओं पर कर छूट प्रदान की गई. इन कदमों को उद्योग विशेषज्ञों ने अत्यंत सराहनीय और भारत की ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तनकारी दिशा की ओर एक बड़ा कदम बताया है.
रजत वर्मा, संस्थापक और सीईओ, LOHUM ने बजट 2025 को भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में एक ऐतिहासिक क्षण बताया. उन्होंने कहा, “सरकार का दृष्टिकोण घरेलू निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण के लिए अत्यधिक दूरदर्शी है, जो हमारे सतत भविष्य को सुनिश्चित करने में मदद करेगा.” लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, कोबाल्ट पाउडर और अन्य महत्वपूर्ण खनिज अपशिष्टों पर आयात शुल्क को समाप्त करना भारत में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों और मोबाइल बैटरियों के उत्पादन के लिए 63 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं पर कर छूट का विस्तार, भारत के निर्माण क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है.
INOXGFL ग्रुप के कार्यकारी निदेशक, देवांश जैन ने कहा, “बजट में पवन ऊर्जा, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और EV इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जोर दिया गया है, जो स्थिरता की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है.” सरकार द्वारा घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के तहत सोलर पीवी सेल्स, EV बैटरियां, मोटर्स, कंट्रोलर, इलेक्ट्रोलाइजर, पवन टर्बाइन और अन्य उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरणों का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत की स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी.
आने वाले वर्षों में ऑफशोर पवन ऊर्जा क्षमता, हरित हाइड्रोजन उत्पादन और हाइब्रिड नवीकरणीय परियोजनाओं में निवेश से नवाचार, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
सिअमन्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सुनील माथुर ने कहा कि बजट 2025 की घोषणाएं उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं, जो मांग और फिर निजी क्षेत्र में विनिर्माण को बढ़ावा देंगी. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय निर्माण मिशन और स्वच्छ प्रौद्योगिकी में निवेश, साथ ही स्टार्टअप्स और MSMEs को समर्थन देने के उपाय, स्वच्छ ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के सुधारों के लिए महत्वपूर्ण हैं.
बिजली वितरण और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के सुधार पर जोर, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को ग्रिड में निर्बाध रूप से एकीकृत करने और स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम हैं. इसके अलावा, प्रस्तावित पीपीपी मॉडल और बिना ब्याज के ऋण, RE परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करेंगे.
जैकसन ग्रीन के एमडी और सीईओ, बिकेश ओगरा ने कहा कि राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन एक अहम पहल है, जो लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करेगा, जो नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के निर्माण और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं.
डेटा इन्फ्रा के प्रबंध निदेशक और सीईओ, वर्चस्वी गागल ने सोलर सेल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट 2025 में किए गए प्रयासों की सराहना की. उन्होंने इसे भारत में एक मजबूत निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम बताया. उनका मानना है कि यह पहल भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी और 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य की प्राप्ति में तेजी लाएगी.
सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम के संस्थापक और एमडी, रमण भाटिया ने कहा कि बिजली वितरण सुधारों और ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नवीकरणीय ऊर्जा और EVs के विकास के लिए आवश्यक है. इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी निर्माण के लिए 35 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं की सूची में शामिल करना, घरेलू लिथियम-आयन बैटरी उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक होगा.
-भारत एक्सप्रेस
RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यूजीसी के समानता विनियम-2026 को असंतुलित बताया. संघ…
Prayagraj Film Festival 2026: इंटरनेशनल प्रयागराज फिल्म फेस्टिवल 2026 का भव्य समापन एमएनआईटी ऑडिटोरियम में…
चंडीगढ़ में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए 1984 सिख…
चौरी-चौरा में 288 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री…
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE ने अपने छठे स्थापना दिवस पर…
महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं. अब विश्वविद्यालय की डिग्री…